Bihar Panchayat Election: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं और फिलहाल चुनाव टालने या उसमें किसी प्रकार की देरी की कोई संभावना नहीं है। मंत्री के इस बयान से उन लाखों संभावित उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों को राहत मिली है, जो चुनाव कार्यक्रम को लेकर संशय में थे। सरकार का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के लिए विभाग लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है।


आरक्षण रोस्टर के अनुसार ही होगा चुनाव

दीपक प्रकाश ने बताया कि इस बार भी पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर का पूरी तरह पालन किया जाएगा। पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार लागू रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार बड़े स्तर पर सीटों के आरक्षण में बदलाव नहीं किया जाएगा। इस फैसले से मौजूदा जनप्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। सीमित बदलाव होने से उम्मीदवारों को अपनी रणनीति बदलने की जरूरत कम पड़ेगी और चुनावी तैयारी पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।


चुनाव से पहले नहीं होगा परिसीमन

पंचायती राज मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि इस बार पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया नहीं कराई जाएगी। इसका मतलब है कि पंचायतों और वार्डों की वर्तमान सीमाओं के आधार पर ही चुनाव संपन्न होंगे। परिसीमन नहीं होने से चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब की संभावना समाप्त हो गई है। साथ ही पहले से निर्धारित पंचायत और वार्ड क्षेत्र बरकरार रहने से उम्मीदवारों तथा मतदाताओं दोनों के लिए चुनावी तैयारी आसान होगी। सरकार का मानना है कि इससे समय पर चुनाव कराने में भी सुविधा मिलेगी।


इन पदों के लिए होगा मतदान

राज्यभर में पंचायत चुनाव के दौरान लाखों मतदाता विभिन्न स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। चुनाव जिन प्रमुख पदों के लिए कराया जाएगा, उनमें शामिल हैं—

इन सभी पदों के लिए राज्यभर में व्यापक स्तर पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया शुरू होगी।


नवंबर-दिसंबर में हो सकते हैं चुनाव

हालांकि अभी तक बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पंचायती राज विभाग के ताजा बयान के बाद माना जा रहा है कि चुनाव इसी वर्ष के अंतिम महीनों यानी नवंबर या दिसंबर में कराए जा सकते हैं। अब सभी राजनीतिक दलों, संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीण मतदाताओं की नजर चुनाव आयोग की अधिसूचना पर टिकी हुई है। आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही नामांकन, प्रचार और मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


सरकार के ताजा रुख से यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि बिहार में पंचायत चुनाव समय पर कराने की तैयारी अंतिम चरण में है। परिसीमन नहीं होने और सीमित आरक्षण बदलाव की घोषणा के बाद ग्रामीण राजनीति में चुनावी गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं और अब सभी को चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।