Bihar Panchayat Election 2026 : बिहार में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक विभाग चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटे हुए हैं। पंचायत चुनाव को लेकर सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जानकारी यह सामने आई है कि इस बार राज्य के सभी पंचायत पदों पर पहली बार पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। इसके साथ ही बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां पंचायत स्तर तक चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।


राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत सीटों के आरक्षण, परिसीमन और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य तेजी से चल रहा है। विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि चुनाव से पहले सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जा सकें।


आरक्षण और परिसीमन पर दावा-आपत्ति की तिथि बढ़ी

पंचायत चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने आरक्षण और परिसीमन से संबंधित दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अवधि बढ़ा दी है। अब आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और संबंधित पक्ष 15 जून 2026 तक अपनी आपत्तियां और सुझाव संबंधित कार्यालयों में जमा कर सकेंगे।


प्रशासन का कहना है कि प्राप्त सभी आवेदन और आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके बाद आवश्यक संशोधन कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। आयोग की ओर से 21 जून 2026 को पंचायत चुनाव से संबंधित अंतिम गजट प्रकाशित किए जाने की संभावना है। अंतिम गजट जारी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।


EVM से चुनाव कराने की तैयारी तेज

इस बार पंचायत चुनाव में पंच, सरपंच, वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य समेत सभी पदों के लिए ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। अब तक पंचायत चुनावों में मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और विवादमुक्त बनाने के लिए आयोग ने ईवीएम से मतदान कराने का निर्णय लिया है।


हालांकि आयोग अभी ईवीएम की आपूर्ति का इंतजार कर रहा है। मशीनें उपलब्ध होने के बाद उनकी तकनीकी जांच, मॉक पोल और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि ईवीएम के उपयोग से मतगणना का समय काफी कम होगा और परिणाम पहले की तुलना में जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।


मतदान केंद्रों में हो सकता है बड़ा बदलाव

पंचायत चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के गठन का कार्य भी शुरू हो चुका है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार कई मतदान केंद्रों में बदलाव देखने को मिल सकता है। बढ़ती जनसंख्या, मतदाताओं की संख्या और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए नए बूथों का गठन किया जा रहा है। कई स्थानों पर पुराने मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करने की भी तैयारी चल रही है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की अलग से पहचान की जा रही है ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।


सुरक्षा और निष्पक्षता पर विशेष जोर

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पंचायत चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


पंचायत चुनाव को ग्रामीण लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। ऐसे में आयोग की कोशिश है कि प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव और भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। अब सभी की निगाहें 21 जून को जारी होने वाले अंतिम गजट और उसके बाद घोषित होने वाली चुनावी तारीखों पर टिकी हुई हैं।