Bihar News : बिहार सरकार राज्य के पंचायत सरकार भवनों को चरणबद्ध तरीके से मिनी सचिवालय के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी सेवाओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है। सरकार की योजना है कि पंचायत स्तर पर ही अधिकांश प्रशासनिक और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे ग्रामीणों को समय और खर्च दोनों की बचत हो।
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि राज्यभर में पंचायत सरकार भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इन भवनों में विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाओं का एकीकृत संचालन होगा, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं मिल सकें।
मंत्री ने बताया कि पंचायत सरकार भवनों में डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कई पंचायत भवनों में डाकघर की सुविधा शुरू हो चुकी है, जबकि आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए कार्यपालक सहायकों को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
सरकार पंचायत भवनों तक पहुंच को भी बेहतर बनाने पर काम कर रही है। जहां-जहां पंचायत सरकार भवन तक जाने वाले संपर्क मार्ग अधूरे हैं या उनकी स्थिति खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं तक पहुंच और आसान होगी।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार सभी वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को अंतिम रूप देने में जुटी है। इसके अलावा कई पंचायतों में कन्या विवाह मंडप के निर्माण और सार्वजनिक मोक्षधाम विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गांवों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
मंत्री ने बताया कि पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इन शिविरों में सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन लिए जा रहे हैं और उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक तेजी से मिल रहा है।
आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भी सरकार सक्रिय है। मंत्री के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बार पंचायत चुनाव में छह पदों के लिए मल्टी-पोस्ट ईवीएम का उपयोग किए जाने की योजना है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। साथ ही करीब दस वर्षों बाद पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर में भी बदलाव किया जाएगा।
वित्तीय व्यवस्था पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों के विकास के लिए आम जनता पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष बिहार का पक्ष मजबूती से रखा है, जिसके परिणामस्वरूप पंचायतों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता में बढ़ोतरी हुई है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं को और गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि पंचायत सरकार भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित करने से गांवों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी। लोगों को प्रमाण पत्र, आधार, डाक, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इससे न केवल ग्रामीणों की परेशानी कम होगी, बल्कि पंचायत स्तर पर सुशासन और पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल पूरे बिहार में ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।