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बिहार में पैक्स चुनाव में बड़ा बदलाव: अब आम लोग भी बन सकेंगे सदस्य… जानिए कैसे बदल गई पूरी प्रक्रिया

Bihar Pacs Election: बिहार में पैक्स चुनाव को लेकर नया बदलाव लागू कर दिया गया है। अब किसी भी आम व्यक्ति को ऑनलाइन आवेदन के जरिए पैक्स का सदस्य बनाया जा सकता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।

23-Mar-2026 01:00 PM

By First Bihar

Bihar Pacs Election: बिहार में पैक्स चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। सहकारिता विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए सदस्य बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब तक जहां पैक्स के अध्यक्ष या उम्मीदवारों के पास ही वोटर यानी सदस्य बनाने की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब कोई भी आम व्यक्ति खुद आवेदन करके पैक्स का सदस्य बन सकता है।


इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य पैक्स चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाना है। पहले यह आरोप लगता था कि अध्यक्ष या उम्मीदवार अपने फायदे के लिए मनमाने तरीके से वोटर बनाते थे। इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस तरह की गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी। 


नए नियम के अनुसार अब बिहार में पैक्स सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं रहेगी। पहले सदस्य बनने की प्रक्रिया सीमित और नियंत्रित थी, लेकिन अब जो भी व्यक्ति तय मानकों को पूरा करेगा, वह पैक्स का सदस्य बन सकता है। यानी अब “जितने चाहें उतने सदस्य” बनाए जा सकते हैं, बशर्ते वे पात्रता की शर्तों को पूरा करते हों।


अगर कोई व्यक्ति पैक्स का सदस्य बनना चाहता है, तो उसे ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच की जाएगी और यदि उसमें कोई त्रुटि नहीं पाई जाती है तथा वह सभी नियमों के अनुरूप होता है, तो उसे सदस्यता दे दी जाएगी। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो जाएगी।


पैक्स का संचालन 13 सदस्यों की एक प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। इस समिति का चुनाव हर 5 साल में कराया जाएगा। नई व्यवस्था में आरक्षण का भी प्रावधान रखा गया है। प्रबंधन समिति में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा दो सीटें अतिपिछड़ा वर्ग और दो सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहेंगी। इससे विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।


अब अगर चुनाव प्रक्रिया की बात करें, तो सबसे पहले पैक्स के लिए वोटर लिस्ट तैयार की जाती है। यह वोटर लिस्ट निर्वाचन विभाग द्वारा जारी की जाती है। इसके बाद इस सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया जाता है, ताकि कोई गलती हो तो उसे सुधारा जा सके।


इसके बाद उम्मीदवार पैक्स अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करते हैं। चुनाव में केवल वही लोग वोट डाल सकते हैं, जो पैक्स के सदस्य होते हैं। मतदान के बाद जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, उसे पैक्स अध्यक्ष चुन लिया जाता है।