Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे पुराने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार शिक्षा विभाग पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने के विकल्प पर विचार कर रहा है। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराई जा सकती है। हालांकि, परीक्षा के आयोजन, पात्रता और नियमों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।




शिक्षा विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि पुराने शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी का स्वरूप कैसा होगा। किन शिक्षकों को यह परीक्षा देनी होगी, किसे छूट मिलेगी और परीक्षा के लिए क्या नियम निर्धारित किए जाएंगे, इन सभी पहलुओं पर फैसला होना बाकी है। फिलहाल परीक्षा की तारीख और आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।




पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी का मुद्दा केवल नौकरी जारी रखने तक सीमित नहीं है। इसका असर उनकी सेवा और पदोन्नति पर भी पड़ सकता है। शिक्षा विभाग को यह तय करना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को बिहार के पहले से कार्यरत शिक्षकों पर किस तरह लागू किया जाए। इसी को देखते हुए स्पेशल टीईटी कराने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।




दरअसल, 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने 'अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार' मामले में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के दायरे में आने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया था।




सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, 1 अप्रैल 2010 से पहले नियुक्त ऐसे शिक्षकों को भी टीईटी पास करने की शर्त पूरी करनी पड़ सकती है, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बाकी है। ऐसे शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर टीईटी पास करना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें टीईटी पास किए बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की छूट दी गई है। हालांकि, ऐसे शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।




इस मामले में बाद में 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा याचिकाओं को खारिज करते हुए टीईटी पास करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी थी। अब बिहार शिक्षा विभाग को इसी आदेश के अनुरूप आगे की प्रक्रिया तय करनी है।




यदि राज्य सरकार स्पेशल टीईटी कराने का फैसला लेती है, तो पुराने शिक्षकों के लिए परीक्षा का स्वरूप, पात्रता, छूट और अन्य जरूरी नियम स्पष्ट किए जा सकेंगे। फिलहाल शिक्षकों को शिक्षा विभाग के अंतिम फैसले और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार है।