Bihar News: बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सरकार की ओर से 3 आईएएस अधिकारियों और बिहार प्रशासनिक सेवा के 56 अधिकारियों के तबादले और नई जगह पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से यह आदेश 29 अगस्त 2026 को जारी किया गया।इनमें कई अधिकारियों को जिला स्तर की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को अलग-अलग विभागों में उप सचिव और संयुक्त सचिव बनाया गया है। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा भोजपुर के जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीओ संजीत कुमार की नई पोस्टिंग को लेकर है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद जगदीशपुर एसडीओ के पद से हटाए गए संजीत कुमार को करीब एक महीने बाद नई जिम्मेदारी मिली है। सरकार ने उन्हें सुपौल में तैनात किया है। भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के तहत संजीत कुमार को जगदीशपुर एसडीओ के पद से हटाया गया था। अब उन्हें सुपौल भेजे जाने के बाद प्रशासनिक गलियारों में इस तबादले की चर्चा तेज हो गई है।
संजीत कुमार को सुपौल की जिम्मेदारी
भरत तिवारी एनकाउंटर के समय संजीत कुमार भोजपुर जिले के जगदीशपुर में एसडीओ के पद पर तैनात थे। घटना के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया था। इसके बाद वह नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। अब सरकार ने उन्हें सुपौल में नई जिम्मेदारी दी है। इस मामले में भरत तिवारी और संजीत कुमार के बीच कथित विवाद की बात भी सामने आई थी। हालांकि, प्रशासनिक तबादले को लेकर सरकार की ओर से जारी आदेश में इससे जुड़ी विस्तृत वजह नहीं बताई गई है।
कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार के आदेश के तहत पोस्टिंग का इंतजार कर रहे बिहार प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों को भी अलग-अलग विभागों और जिलों में तैनाती दी गई है। राकेश कुमार को पथ निर्माण विभाग में उप सचिव बनाया गया है, जबकि संतन कुमार सिंह को सहरसा का अपर समाहर्ता नियुक्त किया गया है।
नीरज कुमार को शेखपुरा का बंदोबस्त पदाधिकारी और मनीष कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है। अररिया के अनिल कुमार को युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं, सीतामढ़ी के अनिल कुमार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। अविनाश कुणाल को सारण का अपर समाहर्ता और अभिषेक कुमार को नगर विकास एवं आवास विभाग का उप सचिव बनाया गया है। वंदना सिन्हा को कला एवं संस्कृति विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
कई जिलों के प्रशासन में भी बदलाव
प्रभात कुमार को मुंगेर का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है और उन्हें लखीसराय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। रीतु रानी को गोपालगंज का वरीय उप समाहर्ता बनाया गया है। सुबीर रंजन को जल संसाधन विभाग में उप सचिव और अविनाश कुमार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशांत कुमार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में प्रशासी पदाधिकारी बनाया गया है। नवीन कुमार पांडेय को रोहतास में आपदा प्रबंधन का अपर समाहर्ता नियुक्त किया गया है। अमन प्रीत सिंह को आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव और प्रीति सिंह को ग्रामीण कार्य विभाग में उप सचिव बनाया गया है। मुजफ्फरपुर में अनु कुमार को वरीय उप समाहर्ता की जिम्मेदारी मिली है, जबकि प्रियंका कौशिक को औरंगाबाद में अपर समाहर्ता विभागीय जांच नियुक्त किया गया है। रोहतास में अमेत विक्रम बैनामी को वरीय उप समाहर्ता बनाया गया है।
शिक्षा, गृह और राजस्व विभाग में भी तैनाती
डॉ. राज कुमार सिन्हा को जहानाबाद का जिला पंचायती राज पदाधिकारी बनाया गया है। निखिल कुमार को सहरसा का वरीय उप समाहर्ता और शंकर शरण ओमी को पूर्णिया का बंदोबस्त पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।बलवीर दास को गयाजी का अपर समाहर्ता बनाया गया है। संदीप कुमार को जहानाबाद का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है और उन्हें अरवल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
वहीं, विजय कुमार पांडेय को शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव, सुभाष चंद्र मंडल को गृह विभाग में संयुक्त सचिव और अमित कुमार को लघु जल संसाधन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। राजीव रोशन को बेगूसराय का अपर समाहर्ता नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में सत्यम सहाय को उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बक्सर में मनीष कुमार को वरीय उप समाहर्ता और आईजीआईएमएस पटना में राम बाबू बैठा को प्रशासी पदाधिकारी बनाया गया है। प्रमोद कुमार को परिवहन विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
बिहार सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब नई तैनाती वाले अधिकारी अपने-अपने पदों पर योगदान देंगे। खास तौर पर भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद चर्चा में आए संजीत कुमार की सुपौल पोस्टिंग पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
सरकार ने आदेश में साफ कहा है कि जिन अधिकारियों का दूसरे स्थान पर तबादला नहीं हुआ है, वे सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देंगे। तबादला किए गए सभी अधिकारियों को बिना अलग से यात्रा समय लिए अपनी नई जगह जाकर योगदान और प्रभार ग्रहण करना होगा।इसकी जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को भी देनी होगी।इसके अलावा, वरीय उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर भेजे गए अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत संबंधित क्षेत्र में कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां भी दी गई हैं।