Bihar Politics : बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम और ऐतिहासिक माना जा रहा है। राजधानी पटना में सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है, जहां आज से आने वाले कुछ दिनों तक राजनीतिक गतिविधियों में तेज़ी देखने को मिलेगी। माना जा रहा है कि यह पूरा हफ्ता बिहार की सत्ता राजनीति के लिहाज से निर्णायक साबित हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) में नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक होने जा रही है। इस बैठक को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर पूरी तैयारियां की गई हैं। बैठक में सभी 26 मंत्री शामिल रहेंगे और कई अहम प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि यह कैबिनेट बैठक मौजूदा सरकार के इस कार्यकाल की अंतिम बैठक साबित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सभी मंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके लंबे राजनीतिक कार्यकाल और प्रशासनिक नेतृत्व के लिए धन्यवाद दे सकते हैं। पिछले करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका को देखते हुए यह बैठक भावनात्मक भी मानी जा रही है। मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ नेता इस दौरान सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को भी याद करेंगे।
गौरतलब है कि नवंबर में बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन हुआ था, जिसके बाद नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। यह उनका दसवां मुख्यमंत्री कार्यकाल बताया जा रहा है। हालांकि, इस कार्यकाल में अब तक कैबिनेट बैठकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है। अंतिम बैठक 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें सोनपुर में एयरपोर्ट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगी थी।
पिछले करीब दो महीनों से कैबिनेट की कोई बैठक नहीं हुई है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार की कार्यशैली पर टिप्पणी की थी और निर्णय प्रक्रिया में देरी को लेकर सवाल खड़े किए थे।
वर्तमान कैबिनेट में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, विजय चौधरी, लेसी सिंह और जमा खान समेत कुल 26 मंत्री शामिल हैं। सभी मंत्रियों के आज की बैठक में उपस्थित रहने की संभावना है। बैठक को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह सख्त कर दी गई है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी और एनडीए विधानमंडल दल की भी अहम बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। आने वाले दो दिनों में पटना में बड़े स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पार्टी के शीर्ष नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी भी संभावित है।
इस बीच राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से वीरचंद पटेल पथ, आर ब्लॉक, आयकर गोलंबर और मुख्यमंत्री आवास के आसपास पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन ने वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कई जगह मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की है।
कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत या समाप्ति का संकेत दे सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा का सभी को इंतजार है, लेकिन राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो चुका है और हर नजर अब पटना की इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई है।