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14-Mar-2026 10:10 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के कई नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या और वोट बैंक की रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए संबंधित जिलों को मतदाता सूची भेज दी है, ताकि विधानसभा क्षेत्रवार सूची के आधार पर वार्डवार मतदाता सूची तैयार की जा सके।
दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग पांच नगर निकाय क्षेत्रों में आम चुनाव और 26 वार्डों में उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। इसको लेकर आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को आयोग की ओर से संबंधित जिलों को मतदाता सूची भेज दी गई, जिससे वार्डवार मतदाता सूची तैयार करने का काम तेज हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस बार चुनावी प्रक्रिया को समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के लिए आयोग ने पहले से ही पूरी तैयारी कर ली है।
जिन नगर निकायों में आम चुनाव कराए जाने हैं, उनमें नगर परिषद फुलवारीशरीफ, नगर परिषद दानापुर निजामत और नगर परिषद खगौल प्रमुख हैं। इसके अलावा नगर पंचायत महाराजगंज, नगर पंचायत सोनपुर, नगर पंचायत मदनपुर, नगर पंचायत जम्हौर और नगर पंचायत मधुबन में भी चुनाव होंगे। इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है और स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण बनने लगे हैं।
वहीं दूसरी तरफ कई नगर निकाय क्षेत्रों के वार्डों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे। जिन निकायों के विभिन्न वार्डों में उपचुनाव होने हैं, उनमें नगर पंचायत नौबतपुर, नगर परिषद डुमरांव, नगर परिषद रक्सौल, नगर पंचायत बिरौल और नगर पंचायत अलौली समेत कुल 26 नगर निकायों के वार्ड शामिल हैं। इन वार्डों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए चुनाव कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि प्रत्येक जिले में उपसमाहर्ता स्तर के किसी अधिकारी को जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी (नगर निकाय) के रूप में नामित किया जाए। इसी अधिकारी की निगरानी में मतदाता सूची का विखंडन किया जाएगा और दावा-आपत्ति से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई भी होगी। आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मतदाता सूची तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का विखंडन कार्य 21 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा, ताकि लोग उसमें दर्ज अपने नाम की जांच कर सकें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो मतदाता दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इन सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची 13 मई को प्रकाशित की जाएगी।
इधर आयोग के पास कई नगर निकाय क्षेत्रों से शिकायतें भी पहुंची हैं। आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं जो संबंधित वार्ड में 189 दिनों से कम समय से रह रहे हैं। नियम के मुताबिक इतने कम समय से निवास करने वाले व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान हर शिकायत की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी नाम को नियमों के खिलाफ पाया गया तो उसे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
अब सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी है। माना जा रहा है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। जैसे ही मतदान कार्यक्रम जारी होगा, नगर निकाय चुनाव की सियासी जंग भी पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की स्थानीय राजनीति और भी ज्यादा गर्म होने की संभावना है।