बिहार में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India (NHAI) ने बड़ा एक्शन प्लान लागू किया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर काम कर रहे मजदूरों, टोलकर्मियों और फील्ड स्टाफ को हीटस्ट्रोक से बचाने के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत सड़क निर्माण कार्यों के समय में बदलाव किया गया है और दोपहर के सबसे गर्म समय में कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।


NHAI की ओर से सभी जिलों के परियोजना निदेशकों और संवेदकों को निर्देश दिया गया है कि भीषण गर्मी के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नई व्यवस्था के अनुसार दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक डामर बिछाने, वेल्डिंग और अत्यधिक गर्मी वाले निर्माण कार्य नहीं कराए जाएंगे। इन कामों को अब सुबह जल्दी या फिर शाम के समय पूरा करने का निर्देश दिया गया है।


गर्मी से राहत देने के लिए सड़क निर्माण में लगे मजदूरों को “कूलिंग ब्रेक” दिया जाएगा। इसके अलावा कार्यस्थलों पर ग्लूकोज, ओआरएस और ठंडे पेयजल की व्यवस्था करना संवेदकों की जिम्मेदारी होगी। NHAI ने साफ कहा है कि मजदूरों की सेहत से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।


हीटवेव से निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें लू लगने के लक्षण, हीटस्ट्रोक की पहचान और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के तरीकों की जानकारी शामिल होगी। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते इलाज और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाहरी संपर्क कम रखने और शिफ्ट रोटेशन प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया गया है। इससे कर्मचारियों को लगातार धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा।


NHAI ने यह भी तय किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर गश्ती एंबुलेंस में आइस पैक, ठंडा पानी और IV फ्लूयड्स हमेशा उपलब्ध रहेंगे। इन एंबुलेंसों को लगातार सक्रिय रखा जाएगा ताकि सड़क पर किसी वाहन के खराब होने या किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।


इसके अलावा हाईवे किनारे खाली जगहों पर अस्थायी शेड बनाने का निर्देश भी दिया गया है ताकि मजदूर और यात्री तेज धूप से राहत पा सकें। रूट पेट्रोलिंग यूनिट्स को लगातार भ्रमणशील रहने को कहा गया है, जिससे हाईवे पर किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल मदद मिल सके।


NHAI अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्देशों का पालन हो रहा है। लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी या संवेदक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को साप्ताहिक निरीक्षण रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


बिहार में इस समय तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे में NHAI का यह कदम सड़क निर्माण से जुड़े हजारों मजदूरों और कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जाए तो हीटस्ट्रोक और गर्मी से होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।