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07-Mar-2026 06:56 AM
By First Bihar
PATNA: दो दिन पहले जब ये तय हो गया कि लगभग 20 साल तक बिहार के सीएम की कुर्सी संभालने के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो उसी समय से ये कयास लगाये जाने लगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. ये तो तय हो गया है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी का होने जा रहा है. लेकिन बीजेपी किसे सीएम बनाने जा रही है? इस सवाल का जवाब हर कोई तलाशने में लगा है. हम आपको बताने वाले हैं कि नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी कौन बनने जा रहा है.
नीतीश का उत्तराधिकारी कौन
पटना में आज पत्रकारों ने जेडीयू में नंबर दो की हैसियत रखने वाले ललन सिंह से ये सवाल पूछा कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनने जा रहा है. ललन सिंह का बयान दिलचस्प था. उन्होंने कहा कि अगला सीएम कौन होगा ये नीतीश कुमार तय करेंगे. कोई दूसरा ये तय नहीं करने वाला है कि नीतीश की कुर्सी पर कौन बैठने जा रहा है.
किसकी होगी ताजपोशी
ललन सिंह हल्के नेता नहीं माने जाते हैं. वे साफ-साफ बोलने वाले नेता माने जाते हैं. ललन सिंह अगर ये दावे के साथ कह रहे हैं कि नीतीश कुमार तय करेंगे कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा तो उनके दावे में दम है. जेडीयू और बीजेपी दोनों पार्टियों के हाईलेवल के सूत्रों से जो खबर आ रही है वो ये है कि नीतीश ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरने से पहले ही बीजेपी को ये बता दिया है कि उनका सियासी वारिस कौन होगा.
सम्राट की होगी ताजपोशी
जेडीयू औऱ बीजेपी के चार बड़े नेताओं से फर्स्ट बिहार ने बात की. उन्होंने इशारे में बता दिया कि नीतीश की पसंद कौन है. उनकी मानें तो नीतीश ने अपने मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को उत्तराधिकारी चुन लिया है. गुरूवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नीतीश कुमार ने साफ साफ कह दिया कि वे सम्राट चौधरी को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं. सूत्र बता रहे हैं कि अमित शाह ने उनकी इस बात पर हामी भी भर दी है.
इस मसले पर फर्स्ट बिहार ने नीतीश कुमार के पारिवारिक सदस्यों से भी बात की. दरअसल, नीतीश कुमार के परिवार के सदस्यों को 4 मार्च को जब ये पता चला कि नीतीश सीएम की कुर्सी छोड़ राज्यसभा जा रहे हैं तो सारे परिजन सीएम हाउस पहुंच गये थे. वे नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी नहीं छोड़ने के लिए मना रहे थे. लेकिन नीतीश ने उनसे कहा कि वे अपनी मर्जी से राज्यसभा जा रहे हैं. नीतीश कुमार के एक करीबी संबंधी ने बताया कि उसी दौरान नीतीश जी ने कहा कि वे सम्राट चौधरी को अगला सीएम बनवा रहे हैं और सम्राट अपना ही लड़का है, ठीक से काम करेगा.
पहले भी सम्राट चौधरी के संकटमोचक बने थे नीतीश
बीजेपी के एक बड़े नेता ने बताया कि कुछ महीने पहले भी नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के संकटमोचक की भूमिका निभाई थी. दरअसल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी अपने दोनों डिप्टी सीएम को बदलने का इरादा बना चुकी थी. विधानसभा चुनाव के बाद विधायक दल का नेता चुनने के लिए बीजेपी ने खास तौर पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को पटना भेजा था.
बीजेपी के जानकार समझ रहे थे कि कुशवाहा जाति से आने वाले केशव प्रसाद मौर्या को विधायक दल का नेता चुनने के लिए सिर्फ इसलिए भेजा गया था कि कुशवाहा बिरादरी से ही आने वाले सम्राट चौधरी का पत्ता साफ किया जा सके. लेकिन इसी बीच मामला नीतीश कुमार के पास पहुंच गया था. उसके बाद नीतीश कुमार ने अपने दो दूतों ललन सिंह और संजय झा के मार्फत बीजेपी को ये क्लीयर मैसेज भिजवाया था कि उन्हें डिप्टी सीएम के पद पर सम्राट चोधरी ही चाहिये. बीजेपी को नीतीश की डिमांड पूरी करनी पड़ी.
दरअसल, बीजेपी बिहार की मौजूदा राजनीतिक सामाजिक परिस्थितियों के साथ साथ जेडीयू का महत्व भी जानती है. केंद्र में स्थिर सरकार बनाये रखने के लिए उसे जेडीयू के सांसदों को साथ रखना जरूरी है. वहीं, उसे डर है कि अगर नीतीश नाराज हुए तो बिहार में उनका वोट बैंक बीजेपी के साथ आने के बजाय आऱजेडी के पास जा सकता है. नीतीश का वोट बैंक माने जाने वाले बिहार के अति पिछड़े वोटर अगर बिदके तो फिर बीजेपी के लिए 2029 में होने वाला अगला लोकसभा चुनाव बेहद मुश्किलों भरा हो सकता है.
मोदी-शाह की नहीं चलेगी
ऐसी परिस्थितियों में बीजेपी ने नीतीश कुमार को राज्यसभा जाने के लिए राजी तो कर लिया है लेकिन वह अभी भी इस स्थिति में नहीं है कि नीतीश को नाराज कर दिया जाये. लिहाजा नीतीश के बाद बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा, ये मोदी-शाह तय नहीं करेंगे. बीजेपी के ही एक बड़े नेता ने हमें बताया कि भाजपा शासित राज्यों में मुख्यमंत्री पद पर चौंकाने वाले चेहरों को बिठाने वाले नरेंद्र मोदी औऱ अमित शाह बिहार में वैसा प्रयोग नहीं कर पायेंगे. फिलहाल उनके लिए नीतीश की बात मानना जरूरी है. ऐसे में अगर कोई बहुत बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो सम्राट चौधरी का सीएम बनना तय है.
वैसे नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी की ताजपोशी में अभी करीब एक महीने का समय है. नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के सदस्य चुन लिये जायेंगे लेकिन राज्यसभा सांसद के तौर पर उनका कार्यकाल 10 अप्रैल के बाद शुरू होगा. 10 अप्रैल के आस-पास ही एनडीए विधायक दल की बैठक होगी. एक बड़े नेता ने बताया कि उस बैठक में नीतीश खुद ये ऐलान करेंगे कि वे किसे अपना उत्तराधिकारी बनाने जा रहे हैं.