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25-Feb-2026 04:55 PM
By Viveka Nand
Bihar News: बिहार में बालू से मलाई खाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई. खेल में शामिल अधिकारियों की संपत्ति की जांच का अभियान चालू किया गया. इस काम में सरकार ने अपनी एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई को लगाया. 2021-22 में भ्रष्ट अफसरों पर बड़ा प्रहार किया गया. दर्जनों सरकारी सेवकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) केस दर्ज हुआ, छापेमारी कराई गई, निलंबित किया गया. इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. दर्ज डीए केस में जांच पूर्ण कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए थी, सेवा से बर्खास्त किया जाना था, नहीं हुआ. इधर बालू के अवैध खेल में शामिल अफसर सेटिंग की बदौलत फिर से नौकरी में आ गए, कुछ ने तो विभागीय कार्यवाही भी समाप्त करा ली. आज की तारीख में जिनके खिलाफ 500-500 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप थे, विभागीय कार्यवाही में क्लिनचिट लेकर चैन की बांसुरी बजा रहे. इधर नीतीश सरकार करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कर झूठी वाहवाही लुट रही.
CM के आदेश पर शुरू हुआ था अभियान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ 2021 और 2022 में लगभग दो दर्जन अधिकारियों को खिलाफ खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कर ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. 2021 से 2026 आ गया, लेकिन केस की जांच में प्रगति नहीं हुई. अभी तक उन मामलों को अनुसंधान के तहत ही रखा गया है. एक-दो मामलों में अंतिम प्रतिवेदन साक्ष्य के अभाव में कमी को दिखा कर केस खत्म कर दिया गया है. बाकी तमाम मामलों में जांच अनुसंधान में है, कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है. यानि न्यायालय में केस ही शुरू नहीं हुआ है.
तनवीर अहमद के खिलाफ नहीं मिला था सबूत..केस खत्म
जिन अधिकारियों के खिलाफ बालू के अवैध खेल में शामिल होने के आरोप लगे थे, उसमें एसपी-एसडीपीओ से लेकर एसडीओ, डीटीओ-एमवीआई से लेकर सीओ-थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारी शामिल थे. डेहरी के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह के खिलाफ केस संख्या 12/ 2021 दर्ज किया गया था. यह मामला अभी भी अनुसंधान में है. पालीगंज के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तनवीर अहमद के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया था. हालांकि आर्थिक अपराध इकाई ने इनके खिलाफ दर्ज केस में साक्ष्य नहीं पाया और अंतिम प्रतिवेदन 18 अप्रैल 2023 को समर्पित कर दिया. इस आधार परये बरी हो गए।
एसपी, सदर एसडीपीओ के खिलाफ भी डीए केस
आरा के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार रावत के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने केस सं-15/21 दर्ज किया था, जो अनुसंधान में है. भोजपुर के तत्कालीन मोटर यान निरीक्षक विनोद कुमार के खिलाफ केस सं- 16/21 दर्ज किया गया था, अब भी यह केस अनुसंधान में है. भोजपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार दुबे के खिलाफ भी 15 सितंबर 2021 को केस दर्ज हुआ था, जो अनुसंधान में है. खान एवं भूतत्व विभाग के तत्कालीन सहायक निदेशक संजय कुमार के खिलाफ 15 अक्टूबर 2021 को केस दर्ज हुआ, यह भी अनुसंधान में है. डोरीगंज के तत्कालीन थाना अध्यक्ष संजय प्रसाद के खिलाफ 25 अक्टूबर 2021 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है.
आय से 500 फीसदी संपत्ति अधिक अर्जित करने का केस....
कोईलवर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अनुज कुमार के खिलाफ 18 नवंबर 2021 को केस दर्ज हुआ, यह भी अनुसंधान में है. लालगंज के तत्कालीन थाना अध्यक्ष चंद्रभूषण शुक्ला के खिलाफ 30 नवंबर 2021 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. औरंगाबाद के तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा के खिलाफ 8 दिसंबर 2021 को केस दर्ज हुआ था, जो अनुसंधान में है. औरंगाबाद सदर के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनूप कुमार के खिलाफ 13 दिसंबर 2021 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. तत्कालीन मोटर यान निरीक्षक मृत्युंजय कुमार सिंह, इनकी पत्नी नीलम कुमारी, साला श्रीकांत कुमार और पंकज कुमार के खिलाफ 20 दिसंबर 2021 को आय से कई गुणा अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज हुआ. यह मामला भी अनुसंधान में है.
खान विभाग के अधिकारियों पर भी डीए केस
बिक्रम के तत्कालीन अंचल अधिकारी वकील प्रसाद सिंह के खिलाफ 20 दिसंबर 2021 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. डेहरी के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार के खिलाफ 7 फरवरी 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है . खान विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र प्रसाद सिंह के खिलाफ 17 फरवरी 2022 को केस दर्ज हुआ. यह भी अनुसंधान में है. बिहटा के तत्कालीन अंचल अधिकारी विजय कुमार सिंह के खिलाफ 24 फरवरी 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. भोजपुर के सहार थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष आनंद कुमार सिंह के खिलाफ 7 मार्च 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. रानीतालाब के तत्कालीन थाना अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह के खिलाफ 29 मार्च 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है . पालीगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार के खिलाफ 12 अप्रैल 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है .संदेश के तत्कालीन थाना अध्यक्ष पंकज कुमार के खिलाफ 12 अप्रैल 2022 को केस दर्ज हुआ,अनुसंधान में है. बारुण के तत्कालीन अंचल अधिकारी बसंत कुमार राय के खिलाफ 25 अप्रैल 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है .अजीमाबाद भोजपुर के तत्कालीन थाना अध्यक्ष कृपा शंकर साह के खिलाफ 25 अप्रैल 2022 को केस हुआ जो अनुसंधान में है. बिहटा थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष अवधेश कुमार झा के खिलाफ 4 मई 2022 को केस दर्ज हुआ जो अनुसंधान में है. पटना जिला बल के तत्कालीन सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज समेत 8 के खिलाफ डीए केस-सं- 18/2021 दर्ज किया गया. यह भी अनुसंधान में है.
आर्थिक अपराध इकाई ने अब तक दर्ज किए गए केस का अपडेट जारी किया है. 31 दिसंबर 2025 तक का अपेडट जारी किया गया है, जिसमें यह बात की जानकारी सामने आई है कि बालू के अवैध खेल में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ डीए केस तो दर्ज किया गया, पर जांच की रफ्तार सुस्त है. लिहाजा अधिकांश मामलों में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है.