Bihar railway news : बिहार के गया जंक्शन पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द व रूट डायवर्ट; 21 मार्च तक असर Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप
29-Jun-2025 12:29 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों को शिक्षा के साथ-साथ हरियाली और बागवानी का केंद्र बनाने की भी पहल अब शुरू कर दी है। ACS सिद्धार्थ के निर्देश पर 824 स्कूलों में मानसून के दौरान पौधारोपण शुरू किया जाएगा। शिक्षकों और छात्रों को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि स्कूल परिसर हरे-भरे रहें और बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़े।
इस योजना के तहत स्कूलों में छोटे-बड़े पौधे लगाए जाएंगे। जहां अधिक जगह होगी, वहां जमीन में पौधे रोपे जाएंगे और कम जगह वाले स्कूलों में गमलों का उपयोग होगा। जिला शिक्षा कार्यालय ने पहले चरण में 824 स्कूलों की मैपिंग पूरी कर ली है और प्रत्येक स्कूल को बागवानी उपकरण जैसे कुदाल, खुरपी, पाइप और कटीला तार खरीदने के लिए 5,000 रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस दौरान छात्रों को पौधों की देखभाल के साथ-साथ बागवानी की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। शिक्षक उन्हें पौधों की देखभाल, पानी देने और मिट्टी प्रबंधन के तरीके बताएंगे। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे प्रकृति से जुड़ेंगे। यह पहल न केवल स्कूलों की सौंदर्यता बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर हरियाली को काफी बढ़ावा देगी।
मानसून 2025 के साथ इस योजना का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इस फैसले से शिक्षा विभाग का लक्ष्य स्कूलों को पर्यावरण-अनुकूल बनाना और बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना पैदा करना है। यह कदम बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।