NHAI New Toll System: बिहार के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है. अब टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैन होने का इंतजार और लंबी कतारों में खड़े रहने की परेशानी खत्म हो सकती है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) टोल वसूली की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. इसके तहत पारंपरिक टोल प्लाजा की जगह आधुनिक तकनीक से लैस सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें वाहन जितनी दूरी तक नेशनल हाईवे पर चलेंगे, उसी के हिसाब से टोल टैक्स कटेगा.
इस नई व्यवस्था की शुरुआत ट्रायल के तौर पर बिहार के राष्ट्रीय राजमार्ग NH-31 के चिह्नित टोल प्लाजा से की जाएगी. इसके लिए सड़कों के ऊपर गेंट्री पोल्स और ओवरहेड सेंसर लगाए जा रहे हैं. इनकी मदद से वाहन चालकों को टोल टैक्स देने के लिए गाड़ी रोकने या उसकी रफ्तार कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कैसे काम करेगा नया टोल सिस्टम?
नई व्यवस्था में हाईवे के ऊपर लगाए गए गेंट्री पोल्स पर सेंसर और हाई-स्पीड कैमरे काम करेंगे. इन कैमरों की मदद से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन की जाएगी. इसके बाद ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के जरिए वाहन की पहचान कर टोल टैक्स की गणना की जाएगी.
इस सिस्टम में वाहन की हाईवे पर तय की गई दूरी के हिसाब से टोल वसूला जाएगा. यानी जितने किलोमीटर तक वाहन नेशनल हाईवे पर चलेगा, उसी के अनुसार उसके खाते से पैसे कटेंगे. इससे मौजूदा फास्टैग व्यवस्था में स्कैनर की धीमी गति और वाहनों की अधिक संख्या के कारण लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.
NHAI अधिकारी ने बताया क्या है पूरा प्लान
NHAI भागलपुर के परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि टोल प्लाजा को बंद करने की योजना पर काम चल रहा है. नई व्यवस्था में वाहन में लगे जीपीएस और बैंक खाते से जुड़े टैग के माध्यम से हाईवे पर तय की गई दूरी के अनुसार टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. इसके लिए फास्टैग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
बिहार के इन इलाकों में टोल जाम से मिलेगी राहत
वर्तमान में पूर्णिया, भागलपुर, दरभंगा, अररिया समेत राज्य के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर रोजाना वाहनों की लंबी कतार लगती है. कई बार फास्टैग होने के बावजूद वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है.
पूर्णिया टोल प्लाजा के प्रबंधक सार्वभौमिक सरकार ने बताया कि सेंसर आधारित चालान काटने की पद्धति को लेकर ट्रायल किया गया है. NHAI अब इसी तकनीक के आधार पर टोल वसूली की नई व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी में है.