Bihar New Road Project: बिहार के अलग-अलग जिलों में कई प्रकार के रोड प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. इसी कड़ी में पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने और शहर के पूर्वी हिस्से की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए एक नई फोरलेन सड़क बनाने की योजना है. इस सड़क के निर्माण पर 158.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. प्रस्तावित सड़क की लंबाई की अगर बात करें तो 7.80 किलोमीटर होगी. सड़क बनने के बाद पूर्वी पटना और पटना सिटी की तरफ आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है.


बिहार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस परियोजना की जानकारी दी है. उन्होंने लिखा कि पूर्वी पटना की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा और यातायात को नई रफ्तार मिलेगी.


मंत्री के मुताबिक, 4-लेन सड़क के निर्माण से इस रूट पर यातायात की क्षमता बढ़ेगी. इससे लोगों का आवागमन पहले के मुकाबले अधिक सुगम हो सकेगा. 7.80 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 158.40 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है.


जेपी गंगा पथ के समानांतर बनने की योजना

जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित फोरलेन सड़क जेपी गंगा पथ के समानांतर बनाए जाने की योजना है. इस रूट के तैयार होने से पटना सिटी और आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा.


अशोक राजपथ से पटना सिटी की तरफ जाने वाला मार्ग पहले से ही भारी यातायात वाला इलाका है. ऐसे में नई फोरलेन सड़क बनने के बाद इस रूट पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. खासकर पूर्वी पटना की तरफ से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क कनेक्टिविटी का नया विकल्प बन सकती है.


पटना रिंग रोड का काम भी जारी

पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है. इनमें पटना रिंग रोड यानी NH-131G भी शामिल है. इसकी प्रस्तावित लंबाई करीब 130 किलोमीटर बताई गई है.


रिंग रोड परियोजना से जुड़े काम के तहत दिघवारा से रामनगर तक के हिस्से को एनएच घोषित किया गया है. वहीं कन्हौली-रामनगर हिस्से का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है. दिघवारा-शेरपुर गंगा पुल का निर्माण जारी है, जबकि रामनगर-कच्ची दरगाह हिस्से पर भी काम चल रहा है.


शेरपुर-कन्हौली हिस्से के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जारी है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पटना और आसपास के इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की योजना है.