Bihar News : बिहार पुलिस को जल्द ही नया मुखिया मिल सकता है। मौजूदा डीजीपी विनय कुमार का दो साल का कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को पूरा होने वाला है। इसके साथ ही राज्य में अगले पुलिस महानिदेशक की तलाश की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने डीजीपी पद के लिए पात्र वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है।


अब इस सूची पर केंद्र स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय यूपीएससी के साथ विचार-विमर्श के बाद योग्य अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार करेगा। यह पैनल बिहार सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी से तीन नामों में से किसी एक अधिकारी को बिहार का अगला डीजीपी बनाया जा सकता है।


30 साल की सेवा पूरी कर चुके अफसरों के नाम शामिल

डीजीपी चयन के लिए भेजी गई सूची में उन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पुलिस सेवा में 30 साल की अवधि पूरी कर ली है। इसमें डीजी रैंक के अधिकारियों के साथ-साथ 1995 और 1996 बैच के एडीजी स्तर के अफसर भी शामिल हैं।


चयन के दौरान केवल वरिष्ठता ही आधार नहीं होगी। अधिकारियों की सेवा अवधि, वर्तमान पद, प्रशासनिक अनुभव और अन्य निर्धारित मानकों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सूची में शामिल कुछ अधिकारियों से उनकी व्यक्तिगत राय भी ली जा सकती है।


सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में प्रीता वर्मा

बिहार कैडर में डीजी रैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी इस दौड़ में हैं। 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा इस सूची में सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में हैं। वह फिलहाल डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं के पद पर हैं।


1992 बैच के बी. श्रीनिवासन भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनएसजी में तैनात हैं। वहीं 1993 बैच के जितेंद्र सिंह गंगवार डीजी निगरानी के पद पर हैं। इसी बैच के जितेंद्र कुमार भी डीजी स्तर के अधिकारी हैं।


कुंदन कृष्णन की दावेदारी पर भी नजर

डीजीपी पद की संभावित रेस में 1994 बैच के अधिकारियों के नाम भी महत्वपूर्ण हैं। इनमें कुंदन कृष्णन की दावेदारी को खास तौर पर मजबूत माना जा रहा है। उनके अलावा डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद भी डीजी स्तर के अधिकारी हैं।


डॉ. परेश सक्सेना फिलहाल डीजी सिविल डिफेंस के पद पर हैं और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होने वाला है। वहीं निर्मल कुमार आजाद का कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है। ऐसे में अंतिम पैनल तैयार करते समय अधिकारियों के कार्यकाल और उपलब्ध सेवा अवधि जैसे पहलुओं पर भी नजर रहेगी।


1995-96 बैच के एडीजी भी दौड़ में

डीजीपी चयन के लिए भेजी गई सूची में 1995 और 1996 बैच के कई एडीजी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें आर. मलार विजि, पंकज कुमार दराद, अमित कुमार जैन, सुधांशु कुमार, नैय्यर हसनैन खान, सुनील कुमार, डॉ. कमल किशोर सिंह और पारस नाथ के नाम शामिल हैं।


इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात कुछ अधिकारियों के नाम भी सूची में भेजे गए हैं। इनमें सुशील एम. खोपड़े, एस. रवींद्रण, जगमोहन और अनिल किशोर यादव शामिल हैं।


तीन नामों के पैनल पर टिकी नजर

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यूपीएससी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रक्रिया के बाद बिहार के लिए किन तीन अधिकारियों के नाम सामने आते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर अंतिम फैसला होगा।


यानी आने वाले महीनों में बिहार पुलिस के नए मुखिया को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ होगी। फिलहाल वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के साथ-साथ अधिकारियों की उपलब्धता भी इस चयन में अहम भूमिका निभा सकती है। 12 दिसंबर के बाद बिहार पुलिस की कमान किस अधिकारी के हाथ में होगी, इस पर अब सबकी नजर है।