ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Governor : बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, जानिए सैन्य अधिकारी से लेकर गवर्नर बनने तक का सफर बिहार को मिला नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन की नियुक्ति, आरिफ़ मोहम्मद ख़ान की छुट्टी राज्यपालों का बड़ा फेरबदल: नंद किशोर यादव नागालैंड के गवर्नर, सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल जहानाबाद: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, SP ने 6 थानाध्यक्ष समेत 50 पुलिसकर्मियों का किया तबादला, नीचे देखें पूरी लिस्ट.. सुपौल प्रखंड कार्यालय में DM का छापा, BDO-CO सहित कई कर्मचारी मिले गायब नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से छोटी बहन इंदू नाराज, बोलीं..भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? बेतिया में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट में मिला पाकिस्तान का कोड रश्मिका-विजय की रिसेप्शन पार्टी में नंगे पैर क्यों पहुंचे एक्टर राम चरण? हैरान कर देगी वजह

Bihar Politics: पटना में आज एनडीए का कार्यकर्ता सम्मेलन, इन विधानसभा सीट को लेकर तैयार होगी ख़ास रणनीति

Bihar Politics: एनडीए गठबंधन का यह सम्मेलन पूरे बिहार में क्रमबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में ऐसे कार्यक्रम पहले ही हो चुके हैं और अब राजधानी पटना में यह आयोजन होने जा रहा है।

19-Sep-2025 10:00 AM

By First Bihar

Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एनडीए ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में आज पटना में एनडीए का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन पटना के राजा बाजार स्थित बिहार संस्कृत विद्यापीठ में होगा। इसमें पटना जिले के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ-साथ गठबंधन के सभी घटक दलों के बड़े नेता मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना और कार्यकर्ताओं को आगे की रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश देना है।


एनडीए गठबंधन का यह सम्मेलन पूरे बिहार में क्रमबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में ऐसे कार्यक्रम पहले ही हो चुके हैं और अब राजधानी पटना में यह आयोजन होने जा रहा है। पटना को राजनीतिक रूप से हमेशा से रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है, इसलिए यहां कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।


इस सम्मेलन में भाजपा, जदयू, हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) और लोजपा (रामविलास) समेत सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार की रणनीति, बूथ प्रबंधन और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह भी तय किया जाएगा कि किस तरह से विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है और किस प्रकार जनता के बीच गठबंधन सरकार के कामकाज को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है।


सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में नेताओं की ओर से कार्यकर्ताओं को बताया जाएगा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्या-क्या काम किए हैं। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं को किस तरह से जनता तक पहुंचाना है, उस पर भी जोर दिया जाएगा। खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की जानकारी कार्यकर्ताओं को विस्तार से दी जाएगी, ताकि वे घर-घर जाकर लोगों को समझा सकें।


पटना सम्मेलन में चुनावी नारे और प्रचार अभियान की रूपरेखा पर भी चर्चा हो सकती है। नेताओं का मानना है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले कार्यकर्ताओं को मजबूत और एकजुट करना बेहद जरूरी है। कार्यकर्ता ही चुनाव के असली योद्धा होते हैं, इसलिए उन्हें आत्मविश्वास और जोश से भरने पर इस सम्मेलन में जोर रहेगा।


इसके अलावा, सम्मेलन में यह भी तय किया जाएगा कि सोशल मीडिया के माध्यम से किस तरह से अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचा जाए। बदलते समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म की अहमियत को देखते हुए एनडीए गठबंधन ने सोशल मीडिया टीम को भी सक्रिय करने का निर्णय लिया है। सम्मेलन में युवा कार्यकर्ताओं को इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण और सुझाव दिए जाएंगे।


राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चुनावी वर्ष में राजधानी पटना में एनडीए का यह सम्मेलन एक बड़ा संदेश देने वाला है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा, बल्कि विपक्ष को भी यह संकेत जाएगा कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार है।


सम्मेलन के दौरान मंच से नेताओं की ओर से विपक्ष पर भी हमले तेज किए जाने की संभावना है। खासकर महागठबंधन की नीतियों और उनके अब तक के कामकाज पर सवाल उठाए जा सकते हैं। नेताओं का मकसद कार्यकर्ताओं को यह समझाना होगा कि विपक्ष की कमजोरियों को जनता के सामने किस तरह उजागर करना है।


कुल मिलाकर, पटना का यह कार्यकर्ता सम्मेलन बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे जहां कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार होगा, वहीं चुनावी तैयारी को और मजबूती मिलेगी। अब देखना यह है कि इस सम्मेलन के बाद एनडीए चुनावी मैदान में किस तरह की नई रणनीति के साथ उतरता है।