Bihar News : बिहार की सत्ता में एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके को खास बनाने के लिए राज्य में बड़े आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बिहार पहुंचकर इस अवसर में शामिल होंगे। उनके स्वागत से लेकर जनसभा और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने तक की रूपरेखा तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसको लेकर पटना में एनडीए के नेताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री के दौरे को सफल बनाने और सरकार की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जानकारी के मुताबिक, बिहार में मौजूदा एनडीए सरकार का एक साल 20 नवंबर को पूरा हो जाएगा। पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद 20 नवंबर को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, अप्रैल 2026 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्य की कमान संभाली। इस तरह सरकार की पहली वर्षगांठ को लेकर एनडीए के भीतर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 21 नवंबर को बिहार आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा वैशाली जिले के लिए खास होने वाला है। यहां राजापाकड़ प्रखंड के जाफरपट्टी में उनकी जनसभा आयोजित करने की तैयारी है। एनडीए सरकार की वर्षगांठ के मौके पर होने वाली इस सभा में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गठबंधन के नेताओं ने प्रधानमंत्री के स्वागत और कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा की।
बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि 20 नवंबर को बिहार की एनडीए सरकार का एक साल पूरा हो रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर को बिहार आएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई है। एनडीए के सभी घटक दल मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
प्रधानमंत्री की प्रस्तावित सभा का स्थान भी औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वैशाली जिले के जाफरपट्टी इलाके में करीब 1650 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान बिहार को औद्योगिक विकास से जुड़ी बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, प्रधानमंत्री इस दौरान राज्य को कई सौगातें दे सकते हैं और कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन भी कर सकते हैं। हालांकि, किन योजनाओं की घोषणा होगी और किन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मई 2026 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पहला बिहार दौरा होगा। इससे पहले वह 7 मई को सम्राट चौधरी की कैबिनेट के विस्तार के मौके पर बिहार आए थे। अब सरकार की पहली वर्षगांठ पर उनके आगमन को लेकर भाजपा और जदयू समेत एनडीए के सभी सहयोगी दल सक्रिय हो गए हैं।
गौरतलब है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने कुल 243 सीटों में से 203 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस गठबंधन में भाजपा, जदयू समेत पांच दल शामिल थे। चुनाव परिणाम के बाद गठबंधन ने सरकार बनाई थी। अब एक साल पूरा होने पर एनडीए इस आयोजन के जरिए अपनी सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को भी जनता के बीच रखने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बैठक में केवल प्रधानमंत्री के दौरे पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। बैठक में विपक्ष के खिलाफ भाजपा की ओर से निकाली जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का मुद्दा भी उठा। संजय सरावगी ने बताया कि यह पदयात्रा अब तक बिहार के 10 जिलों में निकाली जा चुकी है। बाकी जिलों में दिवाली और छठ पूजा के बाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों की व्यस्तता के कारण अभियान प्रभावित न हो।
ऐसे में नवंबर का दूसरा पखवाड़ा बिहार की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। एक तरफ एनडीए सरकार अपनी पहली वर्षगांठ मनाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैशाली दौरे पर सबकी नजरें टिकी हैं। अब देखना होगा कि इस कार्यक्रम में बिहार को किन नई परियोजनाओं की सौगात मिलती है।