Bihar NCMC Card : बिहार में सार्वजनिक परिवहन का सफर जल्द ही पहले से ज्यादा आसान, तेज और डिजिटल होने वाला है। राज्य सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में National Common Mobility Card (NCMC) लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लागू होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के लिए अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत कम हो जाएगी। एक ही कार्ड के जरिए बस, मेट्रो और ट्रेन जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान किया जा सकेगा।

इतना ही नहीं, बिहार परिवहन विभाग एक खास ‘Where Is My Bus’ ऐप विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। यह ऐप यात्रियों को बस की लाइव लोकेशन, संभावित पहुंचने का समय और यात्रा से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। यानी अब बस स्टैंड पर खड़े होकर बार-बार यह पूछने की जरूरत नहीं होगी कि बस आखिर कब आएगी।

एक कार्ड से कई जगह सफर की सुविधा

NCMC को देशभर में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक साझा भुगतान व्यवस्था के तौर पर विकसित किया गया है। बिहार में इसके लागू होने के बाद राज्य में जारी किया गया कार्ड दूसरे शहरों और राज्यों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां NCMC की सुविधा उपलब्ध है। इसका फायदा बिहार से दिल्ली, लखनऊ, मुंबई जैसे बड़े शहरों में आने-जाने वाले यात्रियों को भी मिल सकता है। सार्वजनिक परिवहन के अलावा कुछ स्थानों पर टोल भुगतान के लिए भी इस तरह के कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यानी बिहार का यात्री अगर किसी दूसरे शहर की यात्रा पर जाता है तो उसे हर जगह अलग भुगतान व्यवस्था समझने या अलग कार्ड रखने की परेशानी कम हो सकती है। यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी, जो नौकरी, पढ़ाई, कारोबार या अन्य कामों के सिलसिले में लगातार अलग-अलग शहरों की यात्रा करते हैं।

RuPay कार्ड की तरह होगा इस्तेमाल

NCMC कार्ड को सामान्य तौर पर RuPay कार्ड की तरह टैप करके भुगतान करने की सुविधा के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा। यात्री को हर बार टिकट काउंटर पर लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत कम होगी। कार्ड को निर्धारित मशीन पर टच या टैप कर भुगतान किया जा सकेगा। इससे बस स्टैंड और परिवहन केंद्रों पर टिकट लेने के दौरान लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी। खासकर भीड़ वाले समय में यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।

कार्ड को UPI के जरिए रिचार्ज करने की सुविधा भी प्रस्तावित व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यानी मोबाइल से डिजिटल तरीके से कार्ड में पैसे डाले जा सकेंगे। इससे यात्रियों को बार-बार नकद पैसे रखने या टिकट काउंटर पर जाने की जरूरत कम होगी।

‘Where Is My Bus’ बताएगा बस कहां पहुंची

बिहार परिवहन विभाग का दूसरा बड़ा डिजिटल कदम ‘Where Is My Bus’ ऐप होगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को बसों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना है।ऐप के जरिए यात्री यह पता कर सकेंगे कि उनकी बस इस समय कहां है और बस स्टैंड तक पहुंचने में उसे लगभग कितना समय लग सकता है। यह सुविधा ‘Where Is My Train’ जैसी अवधारणा पर काम करेगी, जहां यात्री अपने मोबाइल से परिवहन सेवा की स्थिति देख सकता है।इससे सबसे बड़ी राहत उन यात्रियों को मिल सकती है, जिन्हें बस के इंतजार में लंबे समय तक स्टैंड पर खड़ा रहना पड़ता है। अब बस की लोकेशन देखकर यात्री अपनी यात्रा की टाइमिंग बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे।

घर बैठे मिलेगी यात्रा की जानकारी

इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ बस में सफर करने वाले यात्री को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों को भी मिल सकता है। यदि कोई व्यक्ति दूसरे शहर या जिले की बस से यात्रा कर रहा है तो उसके परिजन भी बस की स्थिति और अनुमानित समय को लेकर ज्यादा बेहतर तरीके से योजना बना सकेंगे।

उदाहरण के लिए, किसी यात्री को बस से पटना पहुंचना है तो उसके परिवार वाले बस की अनुमानित पहुंचने की जानकारी देखकर उसे लेने के लिए समय पर निकल सकते हैं। इससे अनावश्यक इंतजार कम होगा और समय की भी बचत होगी।

ऐप में ई-टिकटिंग की भी सुविधा

‘Where Is My Bus’ ऐप को केवल बस की लोकेशन देखने तक सीमित रखने के बजाय इसमें ई-टिकटिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल किए जाने की योजना है। इससे यात्री मोबाइल के माध्यम से टिकट संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा भी इस डिजिटल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। धीरे-धीरे अधिक बसों को डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने पर यात्रियों को रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।

बस स्टैंड पर कम होगी भीड़

NCMC और ‘Where Is My Bus’ ऐप दोनों का सबसे बड़ा उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाना है। ई-टिकटिंग, डिजिटल भुगतान और लाइव बस ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं लागू होने से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है।वहीं, बस के आने का सही अंदाजा मिलने से यात्रियों को लंबे समय तक बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ बस अड्डों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर बिहार की परिवहन व्यवस्था में NCMC और ‘Where Is My Bus’ ऐप की एंट्री यात्रियों के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव साबित हो सकती है। अगर यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो आने वाले समय में ‘टिकट की लाइन में इंतजार’ और ‘बस कब आएगी’ जैसे सवालों से यात्रियों को काफी हद तक राहत मिल सकती है।