Bihar News : बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर फिलहाल कोई हलचल दिखाई नहीं दे रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने तीन और नगर निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति कर यह साफ संकेत दे दिया है कि चुनाव में अभी और देरी हो सकती है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर पूर्वी चंपारण के मधुबन, औरंगाबाद के जम्होर और मदनपुर नगर पंचायतों में प्रशासक तैनात कर दिए हैं। इन निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


इससे पहले सरकार दानापुर निजामत, सोनपुर, फुलवारीशरीफ और खगौल नगर परिषद में भी प्रशासक नियुक्त कर चुकी है। लगातार बढ़ती इस सूची ने यह संकेत दे दिया है कि राज्य में नगर निकाय चुनाव फिलहाल दूर की बात नजर आ रहे हैं।


दरअसल, मधुबन, जम्होर और मदनपुर को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था। वहीं, सारण जिले के सोनपुर नगर पंचायत को नगर परिषद में अपग्रेड किया गया था। इसके अलावा पटना जिले के दानापुर निजामत, फुलवारीशरीफ और खगौल नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार किया गया था। नियमों के अनुसार, किसी नए नगर निकाय के गठन या क्षेत्र विस्तार के छह महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी होता है।


बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 में स्पष्ट प्रावधान है कि तय समय सीमा के भीतर चुनाव नहीं होने पर नगर निकाय स्वतः भंग माना जाएगा और वहां राज्य सरकार प्रशासक नियुक्त करेगी। इन सातों निकायों के गठन या सीमा विस्तार को छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक चुनाव नहीं हो पाए हैं। यही कारण है कि सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है।


राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष इसे चुनाव टालने की रणनीति बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही यह कदम उठाया गया है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि इन निकायों में चुनाव कब कराए जाएंगे। तब तक सभी सातों नगर निकायों का कामकाज प्रशासकों के भरोसे ही चलेगा।


इधर, नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव को लेकर सरकार ने नई तारीखों का ऐलान कर दिया है। नगर विकास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 26 मई से 31 मई के बीच राज्य के सभी नगर निकायों में स्थायी समिति का चुनाव कराया जाए। विभागीय मंत्री Nitish Mishra ने डीएम को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


सरकार के मुताबिक राज्य के 264 नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के लंबित चुनाव अब तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे। इससे पहले अप्रैल महीने में इन चुनावों की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन बाद में अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। हालांकि जिन निकायों में 15 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, वहां निर्वाचित समितियां पहले की तरह काम करती रहेंगी।


अब सरकार ने दोबारा प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी जिलों को समय पर चुनाव कराने का निर्देश जारी कर दिया है। ऐसे में जहां एक ओर नगर निकायों के आम चुनाव पर संशय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर स्थायी समिति के चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।