MUZAFFARPUR: बिहार में श्रावणी मेले के दौरान हुई सनसनीखेज वारदात ने सूबे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांवर लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने जा रहे भक्त को बीच रास्ते में गोली मार दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. कांवड़ियों को भी सुरक्षा देने में विफल रही पुलिस मर्डर के बाद तरह तरह के कारण बताने में लगी है।
मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है. मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम में जल चढ़ाने के लिए कांवर लेकर निकले एक युवक की बीच रास्ते गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र के गोसाईं टोला के पास हुई।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। कांवरियों और स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है।
कांवर लेकर निकले युवक को मारी गोली
जानकारी के मुताबिक, गोसाईं टोला निवासी रविंद्र कुमार सिंह का बेटा गोलू कुमार बाबा गरीबनाथ धाम में जल चढ़ाने के लिए कांवर लेकर निकला था। वह गोसाईं टोला के पास पहुंचा ही था कि बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने उसे घेर लिया।
बताया जा रहा है कि अपराधियों ने गोलू को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात के बाद दोनों अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
घटनास्थल पर ही हुई मौत
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गोलू को इलाज के लिए सरैया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सपुलिस को पुराने विवाद का शक
कांवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा देने में विफल पुलिस ने अपनी कहानी बताई है. मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि सुबह किसी बात को लेकर युवक का विवाद हुआ था और उसे धमकी भी दी गई थी।
इसके बाद जब गोलू कांवर लेकर बाबा गरीबनाथ धाम के लिए निकला, उसी दौरान अपराधियों ने उसे गोली मार दी। पुलिस हत्या के कारणों और वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान की जांच कर रही है।
श्रावणी मेले के बीच हत्या से सुरक्षा पर सवाल
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे समय में कांवर लेकर जा रहे एक श्रद्धालु की बीच रास्ते गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यही है कि जब कांवरिया सुरक्षित नहीं, तो बिहार में आम आदमी कितना सुरक्षित है?