Bihar News: बिहार के नगर निकायों में तीन साल से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार संभाल रहे कर्मचारियों का अब कार्यक्षेत्र बदला जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पारदर्शिता, निष्पक्षता, उत्तरदायित्व और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए सभी नगर निकायों में कर्मियों के कार्यात्मक दायित्वों में आवर्तन (रोटेशन) का निर्देश दिया है।
नगर निकायों को जारी किया गया निर्देश
नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारियों तथा नगर परिषद और नगर पंचायत के संबंधित पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। विभाग के विशेष सचिव शाहिद परवेज ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 67 में प्रदत्त शक्तियों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है।
तीन साल से तैनात कर्मियों की होगी पहचान
विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि नगर निकाय कार्यालयों में लंबे समय से एक ही प्रकार का कार्य करने वाले कर्मियों के दायित्वों में रोटेशन जरूरी है। इसका उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। निर्देश के अनुसार, जिन कर्मचारियों को एक ही डेस्क या प्रभार पर काम करते हुए तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं, उनकी पहचान कर उनका कार्यात्मक आवर्तन किया जाएगा।
दूसरे कार्य या डेस्क की दी जाएगी जिम्मेदारी
रोटेशन के तहत संबंधित कर्मचारियों को दूसरे कार्य या डेस्क की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी पर तैनाती प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है और इससे कार्यप्रणाली की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निकायों को आदेश का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन करने को कहा है। साथ ही, तीन साल से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार पर कार्यरत कर्मियों का रोटेशन करने के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
विभाग के इस आदेश के बाद लंबे समय से एक ही जिम्मेदारी संभाल रहे नगर निकाय कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव होना तय माना जा रहा है। इससे कार्यालयों में काम का बेहतर वितरण होने के साथ प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।