Bihar Assembly : बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। पहले दिन की तरह मंगलवार को भी विपक्ष कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। मॉडल स्कूलों के कथित भगवाकरण, NEET पेपर लीक, ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाए जाने के आरोप समेत कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।


सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इस दौरान सदस्यों द्वारा पूछे गए अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों का संबंधित विभागों के मंत्री जवाब देंगे। आज के प्रश्नकाल में शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, परिवहन विभाग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, खेल विभाग, युवा विभाग तथा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए जाएंगे।


प्रश्नकाल के बाद सदन में विभिन्न औपचारिक कार्य पूरे किए जाएंगे। इस दौरान संदेश और विधेयकों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह मुख्यमंत्री मंत्रीपरिषद समिति की 216वीं प्रतिवेदन की प्रति भी सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।


इसके अलावा सरकार कई महत्वपूर्ण नियमावलियों को भी सदन के पटल पर रखने जा रही है। इनमें बेतिया राज की संपत्तियों को राज्य में निहित करने संबंधी नियमावली, 2026, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती (संशोधन) नियमावली, 2024 एवं 2025, तथा बिहार कार्यपालिका (संशोधन) नियमावली, 2023 प्रमुख हैं। इसके साथ ही बिहार राज्य सहवद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद नियमावली, 2026, उससे जुड़े संशोधन, तथा सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर एवं बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली में प्रस्तावित बदलाव भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।


राजनीतिक दृष्टि से आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष पहले दिन से ही सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों की बैठक के बाद सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।


गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार हंगामा किया था। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और इसे देशभर के छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया। हंगामे के कारण कुछ समय तक सदन का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि स्पीकर के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।


सदन के बाहर भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विधानसभा के मुख्य गेट से लेकर मुख्य पोर्टिको तक विपक्षी विधायकों ने पैदल मार्च निकाला और विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार शिक्षा, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक मामलों में जवाब देने से बच रही है।


ऐसे में मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन में तीखी राजनीतिक बहस, विपक्ष के विरोध और सरकार की ओर से जवाबी रणनीति देखने को मिल सकती है। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की परीक्षा होगी, वहीं विपक्ष इस अवसर का उपयोग जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने के लिए करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि विपक्ष अपने तय एजेंडे पर अड़ा रहता है तो मंगलवार की कार्यवाही भी पहले दिन की तरह हंगामे के बीच चलने की संभावना है।