Bihar News : बिहार में मॉडल स्कूलों की व्यवस्था और वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की अब बारीकी से जांच होगी। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी मॉडल स्कूलों का निरीक्षण कराने का फैसला लिया है। इसके लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। टीम 30 सितंबर को अलग-अलग मॉडल स्कूलों का दौरा कर वहां की मौजूदा स्थिति का जायजा लेगी। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में किए गए बदलावों और विकसित की गई व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति को जानना है।
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल स्कूल की इमारत और कमरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विद्यार्थियों को मिल रही शैक्षणिक सुविधाओं की भी समीक्षा करेंगे। स्कूलों में आधारभूत संरचना की स्थिति कैसी है, पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं और विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई व्यवस्थाएं किस तरह काम कर रही हैं, इन सभी बिंदुओं पर टीम जानकारी जुटाएगी।
राज्य सरकार की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जिलों में सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से मॉडल स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों को सामान्य स्कूलों की तुलना में बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विकसित किया गया है। ऐसे में विभाग अब यह देखना चाहता है कि इन स्कूलों में तय व्यवस्था के अनुरूप काम हो रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चलाए जा रहे कोचिंग कार्यक्रमों पर भी विशेष नजर रहेगी। अधिकारियों की टीम यह देखेगी कि विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था किस स्तर पर संचालित हो रही है और इसका संचालन किस प्रकार किया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूल में उपलब्ध अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी।
मॉडल स्कूलों में हुए बदलावों की मौजूदा स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए निरीक्षण के दौरान फोटो और वीडियो भी तैयार किए जाएंगे। विभाग की ओर से इन फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने की योजना है। इससे स्कूलों में किए गए काम और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर सामने आ सकेगी।
अधिकारियों की टीम निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रशासन से भी आवश्यक जानकारी ले सकती है। स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद संबंधित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विभाग के इस कदम से मॉडल स्कूलों में चल रही व्यवस्थाओं की निगरानी और उनकी स्थिति का नियमित आकलन करने की प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
30 सितंबर को होने वाला यह निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए विभाग को राज्यभर के मॉडल स्कूलों की जमीनी स्थिति की जानकारी एक साथ मिल सकेगी। स्कूलों में किए गए बदलावों का असर कितना दिखाई दे रहा है, विद्यार्थियों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, इन पहलुओं की जानकारी निरीक्षण के बाद सामने आ सकती है।
शिक्षा विभाग की ओर से अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान स्कूल की आधारभूत संरचना के साथ-साथ शैक्षणिक व्यवस्था को भी गंभीरता से देखने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मॉडल स्कूलों की व्यवस्थाओं में और बदलाव या सुधार के लिए विभाग की ओर से कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल 30 सितंबर को होने वाले निरीक्षण पर स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों की नजर रहेगी।