Bihar MLC Result: पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव का आधिकारिक और अंतिम परिणाम अभी सामने नहीं आया है, लेकिन मोकामा में सियासी जश्न का रंग चढ़ चुका है। मतगणना के बीच जैसे-जैसे जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार की बढ़त मजबूत होने की खबरें सामने आ रही हैं, उनके समर्थकों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। सुबह से ही मोकामा में आतिशबाजी शुरू हो गई और कई जगहों पर समर्थक एक-दूसरे को मिठाई खिलाते नजर आए।


खास बात यह है कि यह जश्न मोकामा के उसी इलाके में देखने को मिला, जहां चुनाव के दौरान नीरज कुमार और अनंत सिंह समर्थित जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के बीच मुकाबला खासा चर्चा में रहा था। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के आवास के आसपास सुबह से ही पटाखों की आवाज सुनाई दे रही है। समर्थकों का दावा है कि नीरज कुमार की जीत लगभग तय हो चुकी है और अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


पटाखों की गूंज और जुटती भीड़ ने मोकामा के सियासी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। समर्थक उत्साह में नारे लगाते और एक-दूसरे को बधाई देते नजर आ रहे हैं। हालांकि मतगणना अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, इसलिए अंतिम परिणाम के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।


पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की बढ़त को लेकर सुबह से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। प्रथम वरीयता की मतगणना में नीरज कुमार ने 2200 से अधिक मतों की बढ़त बनाई है। इसके बाद अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती चल रही है। ऐसे में हर राउंड के साथ मुकाबले की तस्वीर और साफ होती जा रही है।


मोकामा की राजनीति में इस चुनाव का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां मुकाबला सिर्फ दो प्रत्याशियों के बीच नहीं माना जा रहा था, बल्कि इसे स्थानीय राजनीतिक प्रभाव और वर्चस्व से भी जोड़कर देखा जा रहा था। एक तरफ जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को एनडीए का समर्थन मिला, तो दूसरी तरफ मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसी वजह से पटना स्नातक सीट का मुकाबला चुनावी चर्चा के केंद्र में रहा।


अब मतगणना के दौरान नीरज कुमार की बढ़त के बीच उनके समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। मोकामा में सुबह से शुरू हुई आतिशबाजी को इसी राजनीतिक उत्साह से जोड़कर देखा जा रहा है। सूरजभान सिंह के आवास के आसपास समर्थकों की मौजूदगी और पटाखों की गूंज ने इलाके का माहौल पूरी तरह चुनावी बना दिया है।


हालांकि, चुनावी नतीजों में वरीयता क्रम की गणना बेहद अहम होती है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों को प्रथम वरीयता के बाद दूसरी और जरूरत पड़ने पर आगे की वरीयताओं के आधार पर भी मतों का हस्तांतरण किया जाता है। इसलिए अंतिम परिणाम आने तक आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना होगा।


मोकामा में चल रहे इस जश्न के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीरज कुमार की बढ़त अंतिम परिणाम में जीत में बदलती है? अगर ऐसा होता है तो यह न सिर्फ पटना स्नातक सीट के लिए अहम परिणाम होगा, बल्कि मोकामा की स्थानीय राजनीति में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।


फिलहाल समर्थकों ने अपना फैसला सुना दिया है और आतिशबाजी के जरिए जीत का जश्न शुरू कर दिया है। लेकिन चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा ही इस राजनीतिक मुकाबले का अंतिम फैसला तय करेगी। दोपहर तक आने वाले अंतिम नतीजे यह साफ कर देंगे कि पटना स्नातक सीट पर बाजी किसके हाथ लगी और मोकामा की सियासी जमीन पर किसका दावा मजबूत हुआ।