Bihar MLC Election 2026 : बिहार में विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इस चुनाव में उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए करीब 5.32 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन इस बार वोट डालने से पहले मतदाताओं को एक खास नियम अच्छी तरह समझ लेना होगा। मतदान के दौरान बैलेट पेपर पर की गई छोटी-सी गलती भी आपका वोट रद्द करा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मतदान केंद्र पहुंचने से पहले वोट डालने का सही तरीका जान लें।


आम चुनावों में ईवीएम पर बटन दबाकर पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दिया जाता है, लेकिन विधान परिषद की इन सीटों पर मतदान की प्रक्रिया अलग है यहां मतदाताओं को बैलेट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम के सामने प्राथमिकता क्रम में अंक लिखने होंगे। इसके लिए मतदान केंद्र पर बैंगनी रंग का स्केच पेन उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता को इसी पेन का इस्तेमाल करना होगा। अपनी पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने रोमन या अंतरराष्ट्रीय अंक में '1' लिखना अनिवार्य होगा। अगर मतदाता अन्य उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता देना चाहते हैं, तो उनके नाम के सामने क्रमशः '2', '3' और आगे के अंक लिख सकते हैं।


मतदान के दौरान सबसे बड़ी सावधानी यही रखनी होगी कि बैलेट पेपर पर अंक के अलावा कोई दूसरा निशान न बनाया जाए। उम्मीदवार के नाम के सामने टिक या क्रॉस का निशान लगाना, हस्ताक्षर करना अथवा अपना नाम लिखना नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, बैलेट पेपर पर अंगूठे का निशान लगाने से भी बचना होगा। अगर किसी मतदाता ने निर्धारित बैंगनी स्केच पेन के बजाय अपनी पेन या पेंसिल का इस्तेमाल किया, तो उसका मतपत्र अमान्य घोषित किया जा सकता है। इसलिए मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी होगा।


इस चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए पूरे राज्य में 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने चुनाव की तैयारियों और मतदान प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के तीन स्तरों में व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफर की टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर किया जा सके।


मतदान का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक वोट डाले जाएंगे। इस दौरान लगभग 5.32 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान संपन्न होने के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इसके बाद साफ हो जाएगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में किस उम्मीदवार को मतदाताओं का समर्थन मिला है।


वोट डालने के लिए केवल मतदाता सूची में नाम होना ही पर्याप्त नहीं है। मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक साथ लेकर जाना होगा।इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों की ओर से जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय की मूल डिग्री या डिप्लोमा, सक्षम प्राधिकार की ओर से जारी मूल दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र (UDID), सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से जारी सेवा पहचान-पत्र और सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य को जारी आधिकारिक पहचान-पत्र भी निर्धारित विकल्पों में शामिल हैं।


मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी सलाह यह है कि मतदान के दिन घर से निकलने से पहले मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांच लें। मान्य पहचान पत्र साथ रखें और बैलेट पेपर मिलने के बाद जल्दबाजी करने के बजाय निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने '1' लिखें और अन्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता देनी हो, तो उनके सामने क्रम से अंक दर्ज करें। याद रखें, यहां केवल पसंदीदा उम्मीदवार चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि सही तरीके से अपनी पसंद दर्ज करना भी उतना ही जरूरी है। एक छोटी-सी लापरवाही आपका वोट बेकार कर सकती है।