Bihar MLC Result : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद आज मतगणना शुरू हो गई है। पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सारण में बनाए गए मतगणना केंद्रों पर सुबह से ही वोटों की गिनती का सिलसिला जारी है। जैसे-जैसे बैलेट खुल रहे हैं, वैसे-वैसे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की धड़कनें भी बढ़ती जा रही हैं। खास नजर पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम पर है, जहां मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
बांकीपुर स्कूल में शुरू हुई काउंटिंग
पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से मतगणना को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केंद्र के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रवेश को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 टेबल, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 7 टेबल लगाए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में मतपत्रों की गिनती शुरू की गई है। हालांकि, विधान परिषद चुनाव में वोटों की गिनती सामान्य चुनावों की तरह सीधे ईवीएम से नहीं होती। वरीयता क्रम वाले मतपत्रों की गिनती और आवश्यक प्रक्रिया के कारण अंतिम परिणाम आने में समय लग सकता है।
काउंटिंग शुरू होते ही उठे सवाल
मतगणना शुरू होने के साथ ही पटना के काउंटिंग सेंटर को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल भी खड़े किए गए हैं। जनसुराज और कांग्रेस ने मतगणना केंद्र पर व्यवस्थाओं को लेकर आपत्ति जताई है। दोनों दलों का आरोप है कि उनके मतगणना एजेंटों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना है कि एजेंटों को मतगणना प्रक्रिया को करीब से देखने और अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए उचित स्थान मिलना चाहिए, लेकिन केंद्र पर इसको लेकर परेशानी सामने आ रही है।
इसके अलावा मतगणना केंद्र में CCTV कैमरों की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाया गया है। जनसुराज और कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतगणना जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और इसके लिए निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
ऑब्जर्वर से की गई शिकायत
व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बाद जनसुराज और कांग्रेस की ओर से मौजूद प्रतिनिधियों ने मामले की शिकायत ऑब्जर्वर से की है। बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद अब इस मामले को लेकर मेल के जरिए भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
दरअसल, विधान परिषद चुनाव में मतगणना प्रक्रिया काफी संवेदनशील होती है। एक-एक वोट और वरीयता क्रम का महत्व होता है। ऐसे में प्रत्याशियों के एजेंट भी पूरी प्रक्रिया पर नजर रखते हैं। यही वजह है कि काउंटिंग सेंटर पर किसी भी तरह की व्यवस्था को लेकर उठने वाला सवाल राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हालाँकि, पटना डीएम कुंदन कुमार ने कहा, इस चुनाव में सीसीटीवी कैमरे नहीं रहते हैं। जहां तक गंदगी की बात है उसे ठीक कर लिया जाएगा।
किसके सिर सजेगा जीत का ताज?
पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा है। जेडीयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार लगातार चौथी जीत की कोशिश में हैं, जबकि जनसुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। चुनाव से पहले दोनों खेमों की ओर से जोरदार प्रचार किया गया था। अब असली फैसला मतगणना के जरिए सामने आएगा। किस उम्मीदवार को पहली वरीयता के कितने वोट मिलते हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरी वरीयता के वोट किसके खाते में जाते हैं, यही तय करेगा कि आखिर बाजी किसके हाथ लगेगी।
फिलहाल पटना से लेकर मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और सारण तक मतगणना केंद्रों पर प्रत्याशियों के समर्थकों की नजरें परिणाम पर टिकी हैं। काउंटिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन जीत का ताज किसके सिर सजेगा, इसका इंतजार अभी बाकी है।