Bihar News :  बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने मतगणना की तैयारियां तेज कर दी हैं। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। इस बार मतगणना की व्यवस्था में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सात सीटों के लिए अलग-अलग 14 टेबल लगाए जाएंगे। वहीं, पटना शिक्षक सीट की मतगणना सात टेबल पर होगी। मतगणना की प्रक्रिया चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षकों की निगरानी में पूरी कराई जाएगी।


बिहार की इन आठ विधान परिषद सीटों पर होने वाला चुनाव राजनीतिक दलों के साथ-साथ उम्मीदवारों के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वोट देंगे। मतदान के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना और नतीजों पर टिकी रहेंगी। खास बात यह है कि इन सीटों के चुनाव में आम विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता हिस्सा नहीं लेते, बल्कि निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों की अलग मतदाता सूची के आधार पर मतदान कराया जाता है।


निर्वाचन विभाग के अनुसार, मतगणना संबंधित प्रमंडलीय मुख्यालयों में कराई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि मतगणना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराई जा सके। प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक पर्यवेक्षक और दो सहायक तैनात रहेंगे। इसके अलावा हर मतगणना कक्ष में सहायक निर्वाची पदाधिकारी यानी एआरओ प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। पूरी प्रक्रिया पर चुनाव आयोग के नियुक्त पर्यवेक्षक नजर रखेंगे।


गुरुवार को पटना स्थित निर्वाचन विभाग के सभागार में मतगणना से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों को मतगणना की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के बाद मतपत्रों की गिनती से लेकर परिणाम घोषित करने तक हर चरण में चुनावी नियमों का पालन हो।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दरभंगा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कौशल कुमार और बेगूसराय के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी रिची पांडेय भी शामिल हुए। इनके अलावा संबंधित जिलों के उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी और अवर निर्वाचन पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। निर्वाचन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, सारण शिक्षक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के पात्र शिक्षक मतदाता वोट डालेंगे, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित योग्यता और मतदाता सूची में शामिल स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।


इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा। मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में वोट देंगे। इसलिए इस चुनाव में केवल वोटों की संख्या ही नहीं, बल्कि मतपत्रों की सही गणना और वरीयता के आधार पर मतों की गिनती भी महत्वपूर्ण होगी। मतगणना के दौरान अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा, ताकि परिणामों को लेकर किसी तरह का भ्रम पैदा न हो।


विधान परिषद की इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराना निर्वाचन विभाग के लिए अहम है। 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने किन उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।


अब चुनावी तैयारियों के बीच उम्मीदवारों की नजर मतदान के दिन पर है, जबकि निर्वाचन विभाग का जोर निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित मतगणना सुनिश्चित करने पर है। पटना शिक्षक सीट पर सात टेबल और बाकी सीटों पर 14-14 टेबल की व्यवस्था के साथ विभाग ने मतगणना की तैयारी शुरू कर दी है।