Bihar MLC Election 2026 : बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा। चुनाव परिणाम 27 अक्टूबर को सामने आएंगे। मतदान शुरू होते ही अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई हैं और प्रत्याशियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं।
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे इस चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा से लेकर मतदान व्यवस्था तक की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5,32,847 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।इन मतदाताओं में 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिलाएं और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ है और शाम 4 बजे तक चलेगा। इसके बाद सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
8 सीटों पर 150 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर
इस चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए 90 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 60 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में आठ सीटों के लिए होने वाला यह मुकाबला कई जगहों पर बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा संख्या मतदाताओं की है। इन चार सीटों के लिए कुल 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
कौन डाल सकता है स्नातक सीट पर वोट?
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम विधानसभा चुनाव से थोड़ा अलग होता है। यहां हर स्नातक व्यक्ति वोट नहीं डाल सकता। मतदान के लिए मतदाता का कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक पास होना जरूरी है। इसके साथ ही उसका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-19 भी भरा गया होना चाहिए।यही वजह है कि इन सीटों पर मतदान करने वाले मतदाताओं का दायरा सामान्य चुनाव की तुलना में अलग होता है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने रोजगार, शिक्षा, युवाओं से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय विकास को प्रमुखता से उठाया है।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग की निगरानी में मतदान प्रक्रिया कराई जा रही है। संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। मतदान शुरू होने से पहले ही पोलिंग पार्टियां अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गई थीं। मतदान कर्मियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुबह 8 बजे वोटिंग शुरू कराई। अब दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
कई सीटों पर कांटे की टक्कर, प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर
विधान परिषद की इन आठ सीटों के चुनाव में कई दिग्गजों और प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थित उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। खासकर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों के साथ व्यक्तिगत संपर्क और मतदाताओं के बीच प्रत्याशी की पकड़ भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकी। अब प्रचार का शोर थम चुका है और फैसला मतपेटियों में बंद होना शुरू हो गया है। मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे मतदाता किसके पक्ष में अपना पहला वरीयता मत डालते हैं, इसका खुलासा 27 अक्टूबर को मतगणना के दौरान होगा।
27 अक्टूबर को खुलेगा जीत-हार का राज
शुक्रवार को मतदान खत्म होने के बाद सभी मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि आठ सीटों पर किस प्रत्याशी ने बाजी मारी और किसे हार का सामना करना पड़ा।
फिलहाल मतदान शुरू हो चुका है और प्रत्याशियों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद अहम हैं। बूथों पर मतदाताओं की मौजूदगी, मतदान प्रतिशत और अंतिम समय तक वोटिंग का रुझान इस चुनाव की तस्वीर को काफी हद तक तय करेगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 150 उम्मीदवारों में से कौन-कौन विधान परिषद तक पहुंचने में कामयाब होता है।