Bihar MLC Election 2026 : बिहार विधान परिषद (MLC) की नौ सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने-अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।
हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा दो नामों को लेकर हो रही है। पहला, मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख Upendra Kushwaha के बेटे दीपक प्रकाश, जिनका नाम सूची में नहीं है। दूसरा, भोजपुरी फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता और गायक Pawan Singh, जिन्हें बीजेपी ने उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।
दीपक प्रकाश को लेकर बढ़ी सस्पेंस की राजनीति
बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रहे दीपक प्रकाश को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वर्तमान में वे विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार किसी मंत्री को निर्धारित समय सीमा के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक होता है।
ऐसे में बीजेपी की पहली सूची में उनका नाम नहीं होने से अटकलों का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, जबकि एनडीए खेमे के नेता अभी अंतिम फैसला आने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी की ओर से एक और सूची जारी हो सकती है, जिसमें दीपक प्रकाश को मौका दिया जा सकता है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके मंत्री पद पर संकट खड़ा हो सकता है।
पवन सिंह की उम्मीदवारी ने बढ़ाया उत्साह
बीजेपी की सूची में सबसे चर्चित नाम भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह का है। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बिहार की राजनीति में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का फैसला कर नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता का फायदा बीजेपी को आगामी चुनावों में मिल सकता है। खासकर युवा और भोजपुरी भाषी मतदाताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने यह दांव खेला है। उनकी उम्मीदवारी ने चुनाव को और अधिक रोचक बना दिया है।
बीजेपी ने घोषित किए चार उम्मीदवार
बीजेपी द्वारा जारी सूची में चार उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इनमें पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला को टिकट दिया गया है। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि सभी उम्मीदवार संगठन और समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हालांकि राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब भी उस संभावित पांचवें नाम पर टिकी हुई है, जिसे लेकर चर्चाएं जारी हैं। माना जा रहा है कि बची हुई सीट को लेकर पार्टी अंतिम रणनीति तैयार कर रही है।
जेडीयू ने भी जारी की अपनी सूची
वहीं जेडीयू ने भी चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी की सूची में सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार के नाम को लेकर हो रही है। वे बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र हैं और पहली बार सक्रिय राजनीतिक भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।
जेडीयू ने निशांत कुमार के अलावा भारती मेहता, शिव रानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी का मानना है कि ये सभी उम्मीदवार संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नौ सीटों पर होगा मुकाबला
बिहार विधान परिषद की कुल नौ सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा। बीजेपी और जेडीयू ने चार-चार उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। ऐसे में अब केवल एक सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ होने के बाद चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो सकते हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दीपक प्रकाश को दूसरी सूची में जगह मिलेगी या फिर उन्हें मंत्री पद छोड़ने की नौबत आएगी। हालांकि, विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पहले से ही एक विधान परिषद का सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को देने का वादा कर रखा है इसलिए यह तय माना जा रहा है कि यह सीट पर दीपक प्रकाश ही कैंडिडेट होंगे।
वहीं पवन सिंह की एंट्री ने इस चुनाव को राजनीतिक से ज्यादा चर्चित और रोमांचक बना दिया है। बिहार की राजनीति में अब सबकी निगाहें बीजेपी के अगले फैसले पर टिकी हैं।