PATNA:बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आने वाली है। बिहार विधान परिषद में अब दो सगे भाई एक साथ नजर आएंगे। दोनों सगे भाई अलग-अलग पार्टियों से MLC बने हैं। एक भाई कांग्रेस तो दूसरा RJD से MLC बन गये हैं। बिहार विधान परिषद में अब दोनों भाई राजीव और संजीव कुमार साथ-साथ बैठेंगे। बिहार की राजनीति में फिलहाल इन्हीं दो भाइयों की चर्चा हो रही है।


पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RJD समर्थित संजीव कुमार ने MLC का चुनाव जीत लिया है।  राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी और पांच बार के एमएलसी प्रो. नवल किशोर यादव को हराकर सीट पर कब्जा कर लिया है। डॉ. संजीव कुमार सिंह ने 1,058 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी की इस सीट पर आरजेडी की जीत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


बता दें कि संजीव सिंह के बड़े भाई राजीव कुमार पहले से ही विधान परिषद के सदस्य हैं और कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस तरह अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े दोनों भाई अब विधान परिषद में साथ बैठेंगे। दोनों भाइयों के पिता रामानंद प्रसाद सिंह भी बिहार सरकार में विधायक और मंत्री रह चुके थे।


बिहार विधान परिषद के चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में दो सगे भाइयों की चर्चा हो रही है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RJD समर्थित संजीव कुमार ने बीजेपी के निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव को हराकर जीत दर्ज की है। संजीव कुमार को 4,487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 वोट प्राप्त हुए। इस तरह संजीव कुमार ने 1,057 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।


संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव कुमार पहले से ही बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने 2022 में कांग्रेस के टिकट पर बेगूसराय-खगड़िया स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार रजनीश कुमार को हराया था।


दोनों भाइयों की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी काफी पुरानी है। संजीव कुमार खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट से जेडीयू के विधायक रह चुके हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने RJD के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी वह विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं।


वहीं, उनके पिता रामानंद प्रसाद सिंह परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए थे और बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे। 10 मई 2025 को उनका निधन हो गया था।


गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, जेडीयू, RJD और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली है, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं।


अब संजीव कुमार की जीत के बाद विधान परिषद में दो सगे भाइयों की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह है कि दोनों भाई अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं।