पटना: बिहार में खनन गतिविधियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि 15 अक्टूबर के बाद बिहार में एक बार फिर खनन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार खनन व्यवस्था को व्यवस्थित करने, अवैध खनन पर रोक लगाने और विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी को लेकर लगातार काम कर रही है।

मंत्री के इस ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 अक्टूबर के बाद बिहार में आखिर कहां-कहां खनन शुरू होगा? सरकार के मुताबिक नए स्थानों पर खनन पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा। यानी जिन क्षेत्रों को निर्धारित नियमों के तहत मंजूरी मिलेगी, वहीं खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

15 अक्टूबर के बाद शुरू होगा खनन

खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर के बाद खनन की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, खनन किसी भी जगह मनमाने तरीके से शुरू नहीं किया जाएगा। इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी होगा।

सरकार का जोर इस बात पर है कि खनन गतिविधियां नियमों के दायरे में हों और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे। ऐसे में जिन नए क्षेत्रों में पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है या निर्धारित प्रक्रिया पूरी हो रही है, वहां खनन शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।

कहां शुरू होगा खनन? सरकार ने दिया बड़ा संकेत

मंत्री के बयान के बाद लोगों की नजर अब उन इलाकों पर है जहां 15 अक्टूबर के बाद खनन गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। विभाग ने फिलहाल किसी एक जिले या स्थान की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह साफ किया गया है कि नए स्थानों पर खनन के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य होगी। इसका मतलब यह है कि खनन शुरू होने वाले क्षेत्रों का निर्धारण संबंधित स्वीकृतियों और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में विभाग की ओर से खनन क्षेत्रों को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।

पिछले साल से 35.85 फीसदी बढ़ा खनन विभाग का राजस्व

खनन गतिविधियों के साथ-साथ सरकार का फोकस राजस्व संग्रह बढ़ाने पर भी है। मंत्री प्रमोद कुमार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में खान एवं भूतत्व विभाग ने 725 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। वहीं, 31 अगस्त 2026 तक विभाग को 984 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार अब तक 259.94 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह करीब 35.85 फीसदी की वृद्धि है। सरकार का दावा है कि राजस्व में हुई यह बढ़ोतरी विभागीय व्यवस्था में सुधार और खनन गतिविधियों की बेहतर निगरानी का संकेत है। सरकार आने वाले समय में राजस्व संग्रह को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

अवैध खनन पर भी कसेगा शिकंजा

खनन प्रक्रिया शुरू करने के साथ सरकार की चुनौती अवैध खनन पर रोक लगाने की भी है। विभाग का कहना है कि व्यवस्था को मजबूत कर वैध खनन को बढ़ावा दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खनन विभाग में पुलिस बल की कमी को दूर करने की तैयारी भी चल रही है। मंत्री ने बताया कि खनन विभाग में पुलिस की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री से स्वीकृति मिल चुकी है और अब भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

सरकार की तैयारी से क्या बदलेगा?

सरकार की योजना के मुताबिक 15 अक्टूबर के बाद स्वीकृत क्षेत्रों में खनन गतिविधियां शुरू होने से निर्माण क्षेत्र को भी गति मिलने की उम्मीद है। वहीं, वैध खनन बढ़ने से सरकार के राजस्व में और इजाफा हो सकता है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि 15 अक्टूबर के बाद खनन शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है, लेकिन किस-किस जिले और स्थान पर खनन शुरू होगा, इसका अंतिम फैसला पर्यावरणीय मंजूरी और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा। ऐसे में अब लोगों की नजर खान एवं भूतत्व विभाग की अगली घोषणा पर टिकी है।