Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य को अगले पांच वर्षों के भीतर एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है और बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।


राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि बिहार के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का विकास अब लोक निजी साझेदारी (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 33 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का तेजी से विकास किया जाएगा, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध हो सके।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत कुल 33 अस्पतालों का खाका तैयार कर लिया गया है। इनमें 17 नए ‘ग्रीन फील्ड’ मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाए जाएंगे, जबकि पहले से निर्माणाधीन 16 ‘ब्राउन फील्ड’ अस्पतालों को भी PPP मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। नियमों के अनुसार, ग्रीन फील्ड अस्पतालों को 60 वर्षों के लिए और ब्राउन फील्ड परियोजनाओं को 30 वर्षों की अवधि के लिए निजी निवेशकों को संचालन हेतु सौंपा जाएगा।


इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार में कुल सरकारी और PPP मॉडल पर संचालित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या बढ़कर 54 हो जाएगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता में भी बड़ा इजाफा होगा।


राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि यह योजना बिहार को उत्तर-पूर्वी भारत के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश के लिए भी एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य के मरीजों की दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी और गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज भी राज्य के भीतर ही संभव हो सकेगा।


स्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना के लिए देश और विदेश के प्रतिष्ठित निवेशकों से आधिकारिक प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। निवेश प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो स्थलीय निरीक्षण, समन्वय और विभिन्न विभागों से आवश्यक NOC प्राप्त कराने में सहायता करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि इस पूरी योजना को बिना किसी प्रशासनिक देरी के तेजी से लागू किया जाए, ताकि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया जा सके।