PATNA: बिहार राज्य महिला आयोग अध्यक्ष अप्सरा पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति के अपमान की हिमाकत गाहे-बगाहे फिर कोई नहीं कर सके, इसलिए ऐसा करूंगी। उन्होंने पप्पू यादव पर महिला आयोग की गरिमा पर ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।
पप्पू यादव से कहा कि निजी मीडिया चैनल में आपके द्वारा संवैधानिक संस्था महिला आयोग एवं उसके अध्यक्ष पर अव्यवहारिक और अमर्यादित बयान दी गई है। बिहार राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष एवं स्वाभिमानी महिला होने के कारण आपके द्वारा दिखाया गया मेरा फोटो और मेरे उपर की गई अभद्र टिप्पणी से मेरे आत्मसम्मान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ आयोग की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। अतः आप अपने बयान को साक्ष्य के साथ दिनांक 30.04.2026 को आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इसे अत्यावश्यक समझा जाए।
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने आगे कहा कि राजनीति से जुड़ी महिलाओं पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणी से आप सब वाकिफ हो चुके हैं। बिहार राज्य महिला आयोग ने महिलाओं पर उनके टिप्पणी को गम्भीरता पूर्वक लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया और उनसे तीन दिन के अन्दर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया है।
पप्पू यादव ने नोटिस का जवाब देने के बजाय फेसबुक के माध्यम से न केवल आयोग की शक्ति को चुनौती दिया बल्कि कहा कि आयोग के नोटिस को मैं कचरे में फेंकता हूँ। मेरे ऊपर भी प्रश्नचिन्ह उठाते हुए गम्भीर टिप्पणी की। उन्होंने हमारे परम आदरणीय कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ एक तस्वीर साझा किया, जिसमें मैं माननीय श्री सजंय झा जी को पुष्प गुच्छ दे रही हूं।
यह तस्वीर मेरे फेसबुक में ही लेकर उन्होंने दिखाया है। ऐसी सैकड़ों तस्वीरें राजनीतिक कार्यकर्ताओं की अपने नेताओं के साथ हुआ करती हैं। कार्यकर्ता इन तस्वीरों के माध्यम से खुद को गर्वान्वित महसूस करते हैं। पप्पू यादव के साथ भी उनके कार्यकर्ताओं की तसवीरें होंगी।
पप्पू यादव का मानसिक दिवालियापन या फिर कुंठा ग्रस्त राजनीति का ही हिस्सा कहलाएगा। सांसद महोदय यह भूल गए कि जिस पर वे अंगुली उठा रहे हैं वह उनके संसदीय क्षेत्र की बेटी है। उन्हें शायद यह भी नहीं पता होगा कि पूर्णिया की इस बेटी ने 1997-98 में ही पटना में छात्र राजनीति को गले लगाकर व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई आरम्भ कर दी थी।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने आगे कहा कि मैं मीडिया बन्धु के माध्यम से उन्हें बताना चाहती हूं कि जब बिहार की सम्भ्रांत घर की बहू बेटियां सड़क पर निकलने से घबराती थी, तब मैंने छात्र जदयू के बैनर तले आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। दो छात्र जदयू अध्यक्ष के नेतृत्व में सात वर्षों तक एवं पाँच-पाँच युवा जदयू अध्यक्ष के नेतृत्व में पन्द्रह वर्षों तक पार्टी में काम किया। तब जाकर बांकीपुर विधानसभा प्रभारी बनने के बाद 2025 के जून में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने पूर्णिया की इस बेटी एवं समस्तीपुर के बहू को आशीर्वाद स्वरूप बिहार के महिलाओं के आन-बान, स्वाभिमान, सम्मान और अस्मिता की रक्षा का उत्तरदायित्व सौंपा।
एक समर्पित पढी- लिखी और लंबे अर्से तक निष्कलंक राजनीति करने वाली आम कार्यकर्ता को जनता दलयू और नीतीश कुमार द्वारा जो पद मुझे दिया गया मैं उसकी गरिमा को बरकरार रखते हुए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर महिला आयोग के अध्यक्ष की गरिमा को ठेस पहुंचाने के कारण मानहानि का मुकदमा दायर करूँगी। ताकी मातृ शक्ति के अपमान की हिमाकत गाहे-बगाहे फिर कोई नहीं कर सके।
महिलाओं पर विवादित बयान देकर पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव चौतरफा घिर गए हैं। एक तरफ जहां महिला आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है तो वहीं उनके ऊपर सियासी हमले भी शुरू हो गए हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि पप्पू यादव पागल हो गए हैं।
जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि 90 प्रतिशत से अधिक राजनीति में महिलाएं नेताओं के बेडरूम से निकलती हैं। अनंत सिंह ने इस बयान को लेकर पप्पू यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पागल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पप्पू यादव अपनी पत्नी के बारे में जानकारी लें कि वह कहां से हैं, उसके बाद इस तरह के बयान दें।