PATNA:  बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने शराबबंदी के पक्ष में जोरदार बयान दिया है। वही बांकीपुर के विधायक ने इस 10 साल से लागू शराबबंदी को ही फर्जी कानून बता दिया। 


दिलीप जायसवाल ने कहा कि शराबबंदी खत्म करने की मांग शराब माफिया और कुछ शराब प्रेमी लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और समाज में नशामुक्ति व जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “पैसा कमाने के लिए क्या कोई कोठे पर चला जाएगा? मानवता बेचकर कमाए गए पैसे से विकास संभव नहीं है।”


प्रशांत किशोर ने शराबबंदी कानून को बताया फर्जी

इधर, जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने भी शराबबंदी कानून पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से लागू शराबबंदी कानून फर्जी साबित हुआ है और इसे बिहार से हटाया जाना चाहिए। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि इस कानून से न तो राज्य को कोई लाभ हो रहा है और न ही आम लोगों को। उन्होंने कहा कि शराब माफिया और भ्रष्ट तंत्र अपने फायदे के लिए इस कानून को बनाए हुए हैं।


उन्होंने पिछले 10 साल से लागू शराबबंदी कानून को फर्जी बताया। प्रशांत किशोर ने कहा कि फर्जी शराबबंदी कानून बिहार से हटना चाहिए। इससे ना तो राज्य को कोई फायदा हो रहा है, और ना ही यहां के लोगों को ही कोई फायदा हो रहा है। सिर्फ वोट के लिए शराब माफिया और भ्रष्ट तंत्र पैसे के लिए इसको रखे हुए है।


10 हजार लोगों को नौकरी देने के दावे पर कायम

बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और मतदाताओं का आभार जता रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक वर्ष के भीतर बांकीपुर के 10 हजार परिवारों से कम से कम एक व्यक्ति को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का दावा किया था।


मीडिया द्वारा इस दावे पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हर परिवार से एक योग्य व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुसार निजी नौकरी दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी घोषणा केवल चुनावी वादा नहीं है और वह इसे हर हाल में पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, विपक्ष को चिंता करने की जरूरत नहीं है। बांकीपुर की चिंता हम पर छोड़ दें। यदि 10 हजार लोगों को नौकरी नहीं दिला पाया तो दोबारा वोट मांगने नहीं आऊंगा।”


बता दें कि उपचुनाव जीत के बाद प्रशांत किशोर लगातार बांकीपुर क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। एक-एक वार्ड में जाकर लोगों को वोट देकर जीताने के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। मंगलवार को प्रशांत किशोर ने 10 हजार परिवार में एक-एक प्राइवेट नौकरी की व्यवस्था अगले एक साल में करने का ऐलान किया था। कहा था कि अपने बच्चों का बायोडाटा मेरे कार्यालय में भेज दीजिए। प्रशांत किशोर की इस घोषणा से हर कोई हैरान है, सोचने पर मजबूर हो गये हैं कि आखिर प्रशांत किशोर बांकीपुर के 10 हजार लोगों को नौकरी कैसे देंगे? कल से यह सवाल लोगों में मन में चल रहा है। 


आज फिर मीडिया ने उनसे वही सवाल कर पूछ दिया। मीडिया के नौकरी वाले सवाल का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने एक बार फिर कहा कि 10 हजार लोगों को बांकीपुर क्षेत्र से हर परिवार से एक आदमी को कम से कम उसकी योग्यता के आधार पर प्राइवेट नौकरी मिलनी ही मिलनी है। आपको और विपक्ष को चिंता करने की जरूरत नहीं है। वो अपने क्षेत्र की चिंता करें, जब बांकीपुर के लोगों को नौकरी मिल जाएगा, तब अन्य विधानसभा के विधायकों से उनके क्षेत्र के लोग ही पूछेंगे कि आपने क्या किया? पीके ने कहा कि बांकीपुर की चिंता वो हम पर छोड़ दें। हमने जो घोषणा किया है, उसे पूरा जरूर करूंगा, नहीं तो वोट मांगने नहीं आऊंगा। हर हाल में 10 हजार लोगों को नौकरी बांकीपुर में मिलेगी।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना

इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री रहेंगे, तब तक बिहार में अपराधमुक्त समाज की बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण तभी संभव है जब सत्ता के शीर्ष स्तर पर मजबूत और निष्पक्ष नेतृत्व हो। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता ने जो बदलाव का संदेश दिया है, बिहार के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी उस पर विचार करना चाहिए।


जन सुराज के सूत्रधार व बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में गए व लोगों से मिले। इस दौरान लोगों से उनकी समस्याओं को जाना व अपनी बातें भी रखी। इस दौरान बोरिंग कैनाल रोड के एक हाल में प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने चुनाव से पहले कहा था कि विधायक बनाने का चुनाव नहीं है, पूरे देश में लोग बांकीपुर में लोकतंत्र और लोगों ने किस तरीके से अपने लिए एक विकल्प चुना है उसकी चर्चा लोग कर रहे हैं। 


पीके ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मेरा आप लोगों से एक अनुरोध है बांकीपुर को एक उदाहरण बनाइए, आपको मालूम है कि कौन व्यक्ति यहां काम नहीं कर रहा है। नगर निगम काम नहीं कर रहा है, वहां का अभियंता काम नहीं कर रहा है कि वहां का थानेदार काम नहीं कर रहा है, मेरा आप लोगों से निवेदन है कि अगली बार आप लोग जब हमसे मिलिए या सूचना भेजिए या हमारे कार्यालय आईए। तो यह जरूर बताइए कि यहां पर ट्रैफिक की समस्या है हमने ट्रैफिक वालों को बोला है पैसा ले रहा है या बात नहीं मान रहा है, आप देखेंगे कि आपके कहने से ही काम होने लगेगा। इतना डर पैदा होगा। 


अगले 3 महीने में बांकीपुर के 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मिलेगी पेंशन: पीके

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि मैंने तीन-चार वादा आप लोगों से किया था उसमें से एक वादा यह भी है कि विधायक या विधायक से संबंधित किसी भी काम में एक रूपए का चोरी नहीं होने दिया जाएगा। समाज के जो सबसे गरीब लोग हैं उसके लिए सरकार का यह प्रावधान है 60 साल से ऊपर के व्यक्ति को हर महीने 1100 रुपए वृद्धा पेंशन मिलना चाहिए। अगले 3 महीने में बांकीपुर में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं बचेगा जिसकी उम्र 60 वर्ष से ज्यादा है जिसको 1100 की पेंशन मिलनी चाहिए उसकी पेंशन ना मिले ऐसा नहीं होगा। 


बांकीपुर में जो गरीब लोग हैं, हर हालत में उन्हें 5 किलो अनाज मिले: पीके

प्रशांत किशोर ने कहा कि जो गरीब व्यक्ति हैं उसको अगले 3 महीने में 5 किलो पूरा अनाज मिलने लगेगा। इसमें करीब 30 परसेंट की चोरी होती है जो विधायक हैं, सांसद हैं और अधिकारी हैं उसमें से 6-8 रूपया प्रति क्विंटल चोरी करते हैं, यही कारण है लोगों को 5 किलो अनाज नहीं 4 किलो अनाज ही मिलता है। हमने यह लक्ष्य तय किया है बांकीपुर में जो गरीब लोग हैं, हर हालत में उनका 5 किलो अनाज मिलने लगे। 


पीके ने कहा कि यहां पर जब तक पढ़ाई की व्यवस्था नहीं सुधरेगी तब तक आपका और आपके बच्चों का जीवन नहीं सुधर सकता। बांकीपुर में रहने वाले करीब 70% लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं। प्राइवेट स्कूलों में फीस कम कैसे हो, आपको कोई लूटे ना इसके लिए हमने चर्चा शुरू की है। मेरा विश्वास है अगले साल मार्च तक प्राइवेट स्कूल के मालिकों के साथ बैठकर एक व्यवस्था ऐसी बनाई जाए। ताकि जिन लोगों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे हैं उनको कुछ आर्थिक राहत मिलने लगे। 


पीके ने सीएम सम्राट चौधरी को घेरते हुए कहा कि जब से बांकीपुर का चुनाव हुआ है तब से हम लोगों के जो मुख्यमंत्री हैं उन्होंने एनकाउंटर की बात बंद कर दी है। मुख्यमंत्री भी पढ़ाई की बात कर रहे हैं।  प्रशांत किशोर ने पहली आभार सभा बोरिंग कैनाल रोड में की। इसके बाद दूसरी सभा मीठापुर में की।