Bihar Land News: बिहार में भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजना पर अब राज्य सरकार ज्यादा पैसे खर्च करने की तैयारी में है. जमीन की नई रजिस्ट्री दरें लागू होने के बाद सरकारी स्तर पर जमीन खरीदने में आ रही परेशानी को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान करने की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के अभियान में खर्च होने वाली राशि की वसूली के लिए भी जुर्माना बढ़ाया जाएगा.


दरअसल, राज्य सरकार की ओर से भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाती है. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग काम करता है. जिन इलाकों में उपलब्ध सरकारी जमीन से भूमिहीनों को जमीन देना संभव नहीं होता, वहां सरकार निजी जमीन खरीदकर लाभुकों को उपलब्ध कराती है. लेकिन जमीन की नई रजिस्ट्री दरें तय होने के बाद पुरानी दरों पर जमीन खरीदना मुश्किल हो रहा है.


इस समस्या को देखते हुए विभाग के सचिव जय सिंह ने बढ़ी हुई रजिस्ट्री दरों के अनुसार जमीन खरीदने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. फिलहाल विभाग में अगले वित्तीय वर्ष के बजट की तैयारी चल रही है. ऐसे में वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में नई दरों के हिसाब से जमीन खरीदने के लिए राशि की मांग की जाएगी.


अतिक्रमण करने वालों से ज्यादा वसूला जाएगा जुर्माना

राज्य सरकार सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान से भी अधिक राशि जुटाने की तैयारी कर रही है. अभी सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने में होने वाले खर्च की वसूली संबंधित अतिक्रमणकारियों से जुर्माने के रूप में की जाती है. हालांकि, इसके लिए फिलहाल मामूली शुल्क निर्धारित है. अब विभाग नए बजट में इस राशि को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.


इसके तहत सरकारी जमीन पर पक्का मकान बनाने, झोपड़ी लगाने और नाले के ऊपर अतिक्रमण करने वालों के लिए अलग-अलग जुर्माना तय किया जाएगा. जुर्माने की राशि अतिक्रमण की गई संरचना के आकार और उसे हटाने में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों के आधार पर निर्धारित होगी. यानी अतिक्रमण हटाने में जितना खर्च आएगा, उसके अनुसार संबंधित व्यक्ति से वसूली की जाएगी.


81 अंचलों में बनेंगे नए सरकारी भवन

विभागीय समीक्षा बैठक में राज्य के अंचल कार्यालयों के लिए नए भवन बनाने को लेकर भी चर्चा हुई. बिहार में फिलहाल अंचलों की संख्या बढ़कर 537 हो गई है. राजधानी पटना में भी चार नए अंचलों का सृजन किया गया है. वहीं, कई पुराने अंचल कार्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं.


विभाग के अनुसार, अब तक 466 अंचलों में नए भवनों का निर्माण कराया जा चुका है. शेष 81 अंचलों के लिए अगले वित्तीय वर्ष में नए भवन बनाए जाएंगे. इसके लिए बजट में राशि का प्रावधान किया जा रहा है.


हाट-बाजारों में पेयजल और बैठने की भी होगी व्यवस्था

अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के हाट-बाजारों और अन्य सैरातों में भी सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है. यहां आने वाले लोगों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए भी विभाग की ओर से बजट में राशि का प्रावधान किया जा रहा है.