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Bihar land mafia action : भू माफियाओं पर सबसे बड़े प्रहार की तैयारी, मकर संक्रांति से पहले दाखिल-खारिज और मापी की प्राथमिकता; दूसरे चरण में इन मुद्दों पर होगा फोकस

बिहार में भूमि माफिया के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी जिलों में सक्रिय भूमाफियाओं की सूची बनाकर गोपनीय कार्रवाई की तैयारी और मकर संक्रांति से पहले दाखिल-खारिज व मापी निपटाने के निर्देश दिए हैं।

26-Dec-2025 02:10 PM

By First Bihar

Bihar land mafia action : बिहार सरकार ने राज्य में सक्रिय भूमि माफियाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिहार के सभी जिलों में जिन-जिन लोगों की भूमि से जुड़ी अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई है, उनकी सूची गोपनीय तरीके से तैयार की जा रही है। इस सूची के आधार पर न सिर्फ भूमि माफियाओं पर, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली चेहरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि अब जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लंबे समय से बिहार में जमीन को लेकर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा और अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में यह भी देखने को मिला है कि स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली लोग या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति भूमि माफियाओं को खुला समर्थन देते हैं। सरकार अब ऐसे सभी चेहरों से नकाब हटाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी, ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो, लेकिन दोषी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उस पर कार्रवाई तय है।


मंत्री ने आगे कहा कि फिलहाल सरकार की पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से जुड़े मामलों को सुलझाना है। उन्होंने माना कि राज्य के अधिकतर अंचलों में इन प्रक्रियाओं में देरी और गड़बड़ी के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग सिर्फ इस वजह से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो जा रहे हैं, क्योंकि उनके जमीन से जुड़े दस्तावेज अद्यतन नहीं हैं या विवाद में फंसे हुए हैं।


विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 14 जनवरी, मकर संक्रांति से पहले दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से संबंधित लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े विवादों का समय पर समाधान होने से न सिर्फ लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि विकास योजनाओं का लाभ भी सही लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहें और जमीन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें।


इसके बाद दूसरे चरण की योजनाओं की जानकारी देते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का फोकस सर्वे, सरकारी जमीनों का डाटा बैंक, लैंड बैंक और अतिक्रमण की समस्या पर होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन है, लेकिन उसके सही आंकड़े और रिकॉर्ड के अभाव में कई जगहों पर अवैध कब्जा हो गया है। डाटा बैंक और लैंड बैंक तैयार होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस जिले और अंचल में कितनी सरकारी जमीन उपलब्ध है और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा सकता है।


अतिक्रमण की समस्या को लेकर मंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जिससे विकास कार्य बाधित होते हैं। सड़क, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में अतिक्रमण बड़ी बाधा बनता है। सरकार इस समस्या को विशेष तौर पर देखेगी और कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, लेकिन भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।


अंत में विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में भूमि सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और सख्त कार्रवाई के जरिए जमीन से जुड़े विवादों को कम करना ही सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि तय समयसीमा के भीतर इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।