PATNA: जनता दल यूनाईटेड (JDU)दफ्तर के बाहर मंगलवार को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के समर्थन में नारेबाजी की तो वही BJP कोटे से बिहार के श्रम संसाधन मंत्री अरूण शंकर प्रसाद के खिलाफ जमकर नारे लगाये।
जेडीयू दफ्तर के बाहर कौशल युवा प्रोग्राम (केवाईपी) के संचालकों, कर्मचारियों और छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाये जबकि बीजेपी के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भारी बारिश के बीच आज दिनभर विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
दरअसल बिहार सरकार की ओर से प्रदेशभर में संचालित करीब 1700 कौशल युवा प्रोग्राम केंद्र को बंद करने का फैसला लिया है। जिसके विरोध में केंद्र के संचालकों, कर्मचारियों और छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पटना के वीर चंद रोड स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के इस नए आदेश के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में चल रहे कौशल विकास केंद्रों पर ताला लग गया है। वही संचालकों ने बताया कि सरकार के इस कदम से करीब 10हजार से अधिक कर्मचारियों और शिक्षकों के सामने रोजगार का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवाईपी बिहार के पूर्व सीएम नीतीश जी का ही देन हैं कि आज यह पूरे नौ साल से बेहतर ढंग से चल रहा है। जब से नीतीश जी हटे हैं तब से सम्राट चौधरी के मंत्री और प्रधान सचिव ने मिलकर केवाईपी को बंद कर दिया है। इसलिए नीतीश जी को धन्यवाद देने के लिए हमलोग जदयू कार्यालय आए हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह कहने आए हैं कि जो प्रोजेक्ट आपने चलाया था उसे भाजपा वाले बंद कर रहे हैं। इसे हम लोग बंद नहीं होने देंगे।
जेडीयू कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि बिहार के 1700 केवाईपी सेंटर में जल्द से जल्द नामांकन प्रारंभ करें। यह नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट था, जो धरातल पर सबसे सफल रहा है, जिसको भाजपा के मंत्रियों के द्वारा लोभ लालच के कारण सारे बच्चे को रोड पर लाया जा रहा है। बच्चे बारिश में भींगकर अपनी मांग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष रखने आए हैं। इसे जल्द से जल्द चालू करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह नीतीश कुमार का ड्री प्रोजेक्ट था, जिसे बंद करने की साजिश हो रही है। जब युवा के पास स्कील नहीं होगा तब वो बेरोजगार ही होंगे।
बच्चों ने भारी बारिश में भी अपनी आवाजों को बुलंद किया और नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। वही बीजेपी के मंत्री अरूण शंकर प्रसाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बच्चियों ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में हमारी केवाईपी सेंटर बहुत ही अच्छे तरीके से चल रही थी लेकिन जबसे बीजेपी सरकार में आई है तब से केवाईपी सेंटर बंद हो गया है। हमलोग यहां अपना अधिकार मांगने आए हैं। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हम यही डटे रहेंगे।
पटना से फर्स्ट बिहार संवाददाता रजनीश रमण की रिपोर्ट