PATNA: फर्स्ट बिहार-झारखंड की ओर से पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में ‘बिहार के सच्चे सेवक’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और पद्मश्री सुधा वर्गीज समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


फर्स्ट बिहार-झारखंड के चैनल हेड कुमार प्रबोध ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।


मंच को संबोधित करते हुए चैनल हेड कुमार प्रबोध ने कहा कि ‘बिहार के सच्चे सेवक’ कार्यक्रम के जरिए समाज के उन रियल हीरोज को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन सभी सच्चे सेवकों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों सम्मानित किया गया।


सीएम ने 17 सच्चे नायकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि फर्स्ट बिहार की ओर से बिहार के 17 सच्चे नायकों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग रील बनाने के पीछे भाग रहे हैं, लेकिन समाज को रियल हीरो की जरूरत है।


सीएम ने कहा कि बिहार का प्रशासन सुशासन के लिए जाना जाता है। अगर सुशासन नहीं होगा तो सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं बार-बार अपराधियों से कहता हूं कि मेरी पुलिस को चैलेंज क्यों करते हो? चैलेंज करोगे तो 24 घंटे में जवाब मिलेगा।”


उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी जीने की आजादी है, लेकिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर कोई समाज का हीरो नहीं बन सकता। आजकल रील बनाने के चक्कर में कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने हाल में जमुई में सामने आई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि रील बनाने के चक्कर में युवाओं को जोखिम उठाने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे रील बनाने की होड़ में न पड़ें, बल्कि समाज के लिए रियल हीरो बनें।


उन्होंने सम्मानित किए गए 17 लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये सभी बिहार के सच्चे नायक हैं और इन पर पूरे बिहार को गर्व है।