Bihar Jamabandi Free: बिहार में जमाबंदी से जुड़ी त्रुटियों को ठीक कराने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जमाबंदी सुधार के लिए आने वाले आवेदकों से RTPS काउंटर पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही उन्हें निजी साइबर कैफे भेजने की भी अनुमति नहीं होगी। विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों और अंचलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।विभाग का कहना है कि आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है ताकि जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान बन सके।


RTPS काउंटर पर पूरी तरह मुफ्त होगी ऑनलाइन एंट्री

नए निर्देशों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जमाबंदी में सुधार के लिए RTPS काउंटर पर आवेदन लेकर पहुंचता है तो वहां मौजूद कर्मी उसकी ऑनलाइन एंट्री बिना किसी शुल्क के करेंगे। आवेदक को आवेदन भरने या ऑनलाइन अपलोड कराने के लिए किसी निजी साइबर कैफे भेजना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। विभाग ने साफ कहा है कि सरकारी काउंटर पर उपलब्ध सेवा पूरी तरह निशुल्क है और इसका लाभ सभी आवेदकों को दिया जाना चाहिए।


इन माध्यमों से कर सकते हैं आवेदन

जमाबंदी सुधार या संबंधित कार्यों के लिए नागरिक निम्न माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं—

इन सभी माध्यमों के जरिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और नियमानुसार उनका निस्तारण किया जाएगा।


किन कार्यों के लिए कर सकते हैं आवेदन?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया कि नागरिक कई प्रकार की त्रुटियों के सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

इन मामलों में आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वीकार कर कार्रवाई की जाएगी।


साइबर कैफे भेजने पर होगी कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई RTPS कर्मी आवेदक को सरकारी काउंटर पर सेवा देने के बजाय निजी साइबर कैफे भेजता है तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।इसके अलावा किसी भी आवेदक का आवेदन लेने से इनकार नहीं किया जा सकता। RTPS काउंटर पर आवेदन स्वीकार करना संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी होगी।


आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

नई व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले कई आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन कराने के लिए निजी साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ता था, जहां अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। अब सरकारी RTPS काउंटर पर ही पूरी प्रक्रिया निशुल्क पूरी होने से लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्च की शिकायतें भी कम होने की संभावना है।


अधिकारियों को पालन सुनिश्चित करने का निर्देश

अंचल स्तर पर भी अधिकारियों को विभागीय आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित सीओ ने कहा है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन कराया जाएगा। यदि कहीं से नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को जमाबंदी सुधार जैसी महत्वपूर्ण सेवा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क और बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आसानी से उपलब्ध हो सके।