Bihar Jail Raid: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर लगाम कसने के इरादे से राज्यभर की जेलों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई ने न सिर्फ जेल प्रशासन बल्कि बंदियों के बीच भी हड़कंप मचा दिया।
शुक्रवार और शनिवार की सुबह जब आम लोग अपने घरों में सो रहे थे, उसी वक्त पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने राज्य के कई जिलों की जेलों में ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत दबिश दी। यह अभियान पूरी तरह गोपनीय तरीके से प्लान किया गया था, ताकि जेलों के अंदर चल रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पर्दाफाश किया जा सके।
कई जिलों में एक साथ चला बड़ा ऑपरेशन
भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर, बेतिया, सीतामढ़ी और औरंगाबाद समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। हर जगह जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे। कहीं घंटों तक तलाशी अभियान चला तो कहीं संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ।
इस दौरान कई जेलों में 100 से लेकर 200 तक जवानों की टीमों ने बैरकों, वार्डों और जेल परिसर के हर कोने की बारीकी से जांच की। कैदियों के सामान से लेकर उनके संपर्कों तक की जानकारी जुटाई गई।
भागलपुर से शुरू हुआ सख्ती का संदेश
भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज पर पैनी नजर रखी गई, जिससे साफ संकेत मिला कि अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।
हाजीपुर में हाई लेवल जांच
मंडल कारा हाजीपुर में भी डीएम और एसपी के नेतृत्व में औचक निरीक्षण किया गया। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने सभी वार्डों और बैरकों की गहन तलाशी ली। हालांकि यहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों ने जेल प्रशासन को सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के निर्देश दिए।
मुजफ्फरपुर में चार घंटे चला सर्च ऑपरेशन
मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में सबसे बड़ा अभियान देखने को मिला। करीब 200 जवानों की टीम ने चार घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। जेल के हर हिस्से की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि यह राहत अस्थायी है और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।
मोतिहारी और बेतिया में भी छापेमारी
मोतिहारी सेंट्रल जेल और बेतिया मंडल कारा में भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने हर वार्ड और बैरक की जांच की। यहां भी कोई बड़ी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए।
सीतामढ़ी में संदिग्ध कागजात से बढ़ी चिंता
सीतामढ़ी जेल में छापेमारी के दौरान एक वार्ड से संदिग्ध कागजात बरामद हुए। इनमें कुछ मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक जानकारी दर्ज थी। इस बरामदगी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब इन कागजात के आधार पर आगे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं जेल के अंदर से कोई नेटवर्क तो नहीं चल रहा था।
औरंगाबाद में मिले औजार, सुरक्षा पर सवाल
औरंगाबाद मंडल कारा की तलाशी के दौरान प्लास, पेचकस और लोहे के टुकड़े जैसे औजार बरामद किए गए। यह सामग्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है। प्रशासन ने तुरंत इन्हें जब्त कर लिया और जेल प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन का मानना है कि जेलों के अंदर चल रही गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार यहीं से बड़े अपराधों की साजिश रची जाती है। ऐसे में इस तरह की छापेमारी न सिर्फ जरूरी है, बल्कि समय की मांग भी है।