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10-Jan-2026 07:34 AM
By First Bihar
Bihar IT Policy 2024 : बिहार में आईटी नीति 2024 लागू होने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। नई नीति के प्रभाव से अब तक 22 से अधिक कंपनियों ने आईटी सेक्टर में 827 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रही है, जिससे आने वाले समय में बिहार तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
आईटी नीति 2024 के लागू होने के बाद राज्य सरकार का फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कनेक्टिविटी, डेटा सुरक्षा और ई-गवर्नेंस समाधान को मजबूत करने पर भी है। बिहार में डेटा सेंटर, डिजिटल बिहार जैसी आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी और तेज होंगी, बल्कि आम लोगों और उद्योगों को भी तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
सरकार की योजना के तहत बिहार में जल्द ही कंप्यूटर, लैपटॉप, ड्रोन और सोलर पैनल की मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी सात से अधिक कंपनियां अपना काम शुरू करेंगी। इन यूनिट्स के शुरू होने से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा। इससे बिहार के युवाओं को बाहर पलायन करने की मजबूरी भी कम होगी।
आईटी क्षेत्र में बिहारी युवाओं की बढ़ती पहचान
बिहार अब देश के अन्य विकसित राज्यों की तरह धीरे-धीरे आईटी हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। देश की कई बड़ी आईटी कंपनियों ने बिहार में निवेश करने में रुचि दिखाई है। इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलने की उम्मीद है। आईटी क्षेत्र में काम करने वाले बिहारी युवाओं की पहचान अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।
इसी दिशा में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक अहम पहल करने की तैयारी की है। विभाग एक विशेष आईटी पोर्टल विकसित करेगा, जिसके माध्यम से देश और विदेश में आईटी सेक्टर में काम कर रहे बिहारी युवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए न केवल उनसे सुझाव और राय ली जाएगी, बल्कि उन्हें बिहार में काम करने और निवेश से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि बाहर काम कर रहे अनुभवी युवाओं की भागीदारी से बिहार का आईटी इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
दूसरे राज्यों में भी हो रहा आईटी पॉलिसी का प्रचार
बिहार सरकार केवल राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख आईटी हब्स में भी अपनी आईटी नीति 2024 का प्रचार-प्रसार कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में जाकर आईटी कंपनियों को बिहार की नई नीति के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इन शहरों में कई कार्यक्रमों और बैठकों के माध्यम से कंपनियों को बिहार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक निवेशक बिहार आएं और यहां आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स शुरू करें। अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों से मिली प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है और आने वाले समय में निवेश प्रस्तावों की संख्या और बढ़ सकती है।
निवेशकों को आकर्षक इंसेंटिव
आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बिहार सरकार ने आईटी पॉलिसी 2024 के तहत कई तरह के इंसेंटिव का प्रावधान किया है। सरकार न केवल सब्सिडाइज्ड दर पर भूमि उपलब्ध करा रही है, बल्कि कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए भी आकर्षक प्रोत्साहन दे रही है। इसके साथ ही यूनिट्स के ऑपरेशनल एक्सपेंसेस को कम करने के लिए भी इंसेंटिव दिए जाएंगे।
आईटी पॉलिसी के तहत लीज रेंटल सब्सिडी, एनर्जी बिल सब्सिडी और एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन सब्सिडी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे कंपनियों की शुरुआती लागत कम होगी और वे लंबे समय तक बिहार में टिके रहने के लिए प्रेरित होंगी।
इसके अलावा संतुलित क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक विशेष प्रावधान किया है। पटना और दानापुर म्युनिसिपल एरिया के बाहर स्थापित होने वाली आईटी यूनिट्स को हर हेड में 10 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा। इससे राज्य के अन्य जिलों में भी आईटी और तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार की डिजिटल भविष्य की ओर मजबूत कदम
कुल मिलाकर आईटी नीति 2024 बिहार को डिजिटल और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है। बढ़ता निवेश, रोजगार के नए अवसर, युवाओं की भागीदारी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से बिहार आने वाले वर्षों में आईटी और डिजिटल इनोवेशन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि बिहार की छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते हुए टेक्नोलॉजी स्टेट के रूप में स्थापित करेगी।