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29-Nov-2025 08:01 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विकास की रफ्तार तेज हो गई है। नीतीश सरकार औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को लेकर बड़े स्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुसार, स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) को अब तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ये निवेश ऊर्जा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स समेत कई प्रमुख सेक्टरों में होने वाले हैं।
यदि यह निवेश धरातल पर उतरा, तो बिहार में रोजगार के नए अवसरों की बड़ी संख्या में संभावनाएँ खुलेंगी। माना जा रहा है कि विभिन्न जिलों में उद्योगों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही नौकरी मिलेगी, जिससे पलायन की समस्या को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।
अलग-अलग जिलों में खुलेंगी नई फैक्ट्रियाँ
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने उद्योग भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि राज्य के अलग-अलग जिलों में उद्योगों की स्थापना पर तेज़ी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की बढ़ती रुचि और सरकार के सहयोगी रवैये से आने वाले वर्षों में उद्योगों की संख्या में बड़ा इज़ाफ़ा देखने को मिलेगा। नई फैक्ट्रियों के खुलने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।
बैठक में मंत्री ने रोजगार, एमएसएमई, पीएम विश्वकर्मा योजना, औद्योगिक निवेश नीति और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना समेत विभिन्न सेक्टरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और मेगा फूड पार्क पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. जायसवाल ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, आईएमसी गयाजी, मेगा फूड पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा उछाल आएगा।
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के शुरू होने के बाद बिहार में ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी और माल ढुलाई प्रक्रिया अधिक तेज़ होगी। इससे प्रदेश में लगने वाले उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं मेगा फूड पार्क के आने से किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर दाम मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों का विकास होगा।
युवाओं को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने पर जोर
उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में चल रही योजनाओं को अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को लाभ मिल सके। उन्होंने खासतौर पर युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने, स्टार्टअप और छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय सहायता और मार्केट एक्सेस बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि एमएसएमई सेक्टर में रोजगार की भारी संभावनाएँ हैं और राज्य सरकार इसे तेजी से विस्तार देने की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि हर जिले में उद्यमियों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शीघ्र अनुमति और सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
बिहार सरकार का बड़ा लक्ष्य: 2025 से 2030 तक 1 करोड़ रोजगार
बिहार सरकार ने रोजगार सृजन को लेकर एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।विपक्ष अक्सर बिहार में रोजगार की कमी और युवाओं के पलायन को लेकर सरकार को निशाने पर लेता रहा है। ऐसे में यह बड़ा लक्ष्य सरकार के लिए चुनौती भी है और अवसर भी। नई सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई टेक्नोलॉजी में रोजगार के अवसर तलाश रही है।
निवेश बढ़ेगा तो बदलेगी बिहार की तस्वीर
राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का मिलना बिहार की औद्योगिक स्थिति में सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि ये प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हुए, तो प्रदेश में रोजगार, इनकम, स्थानीय व्यापार और इकोनॉमी सभी क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से निवेश लाने, उद्योगों को बढ़ाने और युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। आने वाले महीनों में इस दिशा में कई बड़े