Bihar News : बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ी पहल की है। दरभंगा और मुजफ्फरपुर में दो नए औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी चल रही है। सरकार का दावा है कि इन पार्कों में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से 95 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। दोनों परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और निवेश से जुड़ा पूरा प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
दरभंगा और मुजफ्फरपुर में कहां बनेंगे औद्योगिक पार्क?
बिहार सरकार ने केंद्र की भारत औद्योगिक विकास योजना (भाव्या) के तहत इन दोनों औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव तैयार किया है। दरभंगा में बहादुरपुर और हनुमान नगर प्रखंड के अंतर्गत करीब 385 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। वहीं, मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना आकार लेगी।
सरकार की योजना इन पार्कों में अलग-अलग श्रेणी की औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की है। इसके लिए प्लग एंड प्ले मॉडल अपनाया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत उद्योगों को जरूरी बुनियादी सुविधाओं से युक्त जगह उपलब्ध कराने का प्रयास होगा, जिससे कंपनियों को अपना कारोबार शुरू करने में आसानी हो सके।
95 हजार से ज्यादा लोगों को मिल सकता है रोजगार
प्रस्तावित परियोजनाओं में रोजगार का सबसे बड़ा हिस्सा मुजफ्फरपुर औद्योगिक पार्क से आने की उम्मीद है। डीपीआर में दिए गए अनुमान के मुताबिक, दरभंगा में करीब 32,900 और मुजफ्फरपुर में लगभग 59,600 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। इस तरह दोनों पार्कों से कुल 92,500 रोजगार का अनुमान है।
हालांकि, खबर के शीर्षक में 95 हजार से अधिक रोजगार का उल्लेख है। रोजगार के ये आंकड़े प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों और निवेश योजनाओं पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक रोजगार परियोजनाओं के स्थापित होने और उनके संचालन के बाद स्पष्ट होगा।
20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की तैयारी
दोनों औद्योगिक पार्कों में बड़े निवेश की योजना बनाई गई है। दरभंगा में प्लग एंड प्ले औद्योगिक इकाइयों के लिए करीब 6,000 से 8,100 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। मुजफ्फरपुर में यह राशि लगभग 11,000 करोड़ से 13,500 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है।
इस हिसाब से दोनों पार्कों में प्लग एंड प्ले इकाइयों के लिए प्रस्तावित निवेश करीब 17 हजार करोड़ से 21,600 करोड़ रुपये तक हो सकता है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बिहार में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
जमीन अधिग्रहण पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे
औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। दरभंगा में इसके लिए करीब 601 करोड़ रुपये और मुजफ्फरपुर में 474.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
दरभंगा के तरलाही, मोटनाजा, बिहारीमुकुंद और अम्माडीह जैसे क्षेत्रों में जमीन ली जानी है। दूसरी ओर, मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के चानपुर-चिहुटहा, भोजपट्टी, चतुर्पट्टी और विष्णुपुर-सरैया में भूमि अधिग्रहण की योजना है।
प्रशिक्षण और उत्पादों की जांच की भी होगी सुविधा
औद्योगिक पार्कों में केवल फैक्ट्रियां लगाने की योजना नहीं है। प्रस्ताव में प्रशिक्षण केंद्र और उत्पादों की टेस्टिंग के लिए सेंटर बनाने की बात भी शामिल है। इससे उद्योगों को कुशल कामगार उपलब्ध कराने और तैयार उत्पादों की गुणवत्ता जांचने में मदद मिल सकती है।
हर जिले में उद्योग लगाने की दिशा में कदम
बिहार सरकार ने सभी जिलों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया है। चुनाव के दौरान पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का वादा भी किया गया था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों में जमीन अधिग्रहण और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
दरभंगा और मुजफ्फरपुर के औद्योगिक पार्क इसी व्यापक योजना का हिस्सा हैं। अब इन परियोजनाओं की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और निर्माण की अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी। यदि प्रस्तावित निवेश और इकाइयां समय पर धरातल पर उतरती हैं, तो उत्तर बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।