PATNA: बिहार में सत्ता संभालने के बाद सम्राट चौधरी लगातार प्रशासनिक फेरबदल किया. आज फिर 9 सीनियर आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया. कई विभागों के सचिव भी बदले गये हैं. सत्ता के गलियारे में चर्चा एक ऐसे सचिव की हो रही है, जो राशन-पानी के फेरे में नप गये. सरकार ने उन्हें ऐसे विभाग में भेज दिया है, जहां सिर्फ भाग-दौड़ करना पड़ेगा. राशन-पानी का दूर-दूर तक कोई इंतजाम नहीं है.


सचिव महोदय की कहानी जानिये

दरअसल सचिव महोदय की कहानी दिलचस्प है. 8 साल पहले उनके ठिकानों पर राज्य सरकार की ही एजेंसी विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रेड की थी.  SVU के अधिकारियों ने तब दावा किया था उनके यहां से करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था. इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था. 


लेकिन कुछ साल उनकी पुनर्वापसी हो गई. तब नीतीश कुमार बिहार के सीएम हुआ करते थे और उस समय सीएम कार्यालय को अपनी पॉकेट में रखने वाले अधिकारी उन पर पिघल गये. लिहाजा सरकार में उनकी पुनर्वापसी हो गई. एक-दो विभागों की कुर्सी संभालने के बाद सचिव महोदय को राशन-पानी देखने का जिम्मा दे दिया गया.


जून में हुआ मंत्री से विवाद

दरअसल, जून के महीने में बिहार के सारे सरकारी विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग होती है. लेकिन सचिव महोदय मंत्री से लड़ गये. अंदरखाने ये बात चली कि सचिव महोदय ट्रांसफर-पोस्टिंग में अपनी हिस्सेदारी मांग रहे थे. जब हिस्सेदारी नहीं मिली तो सचिव महोदय ने ऐसी लिखा-पढी की, जिससे विभाग में एक भी ट्रांसफऱ नहीं हो पाया. 5-5 साल से एक ही जगह बैठे निचले अधिकारी वहीं बैठे रह गये. 


मंत्री ने की सीएम से शिकायत

सूत्रों के मुताबिक सचिव की हरकतों से नाराज मंत्री सीधे सीएम के पास पहुंच गये. उन्होंने सीएम को बताया कि विभाग में ट्रांसफऱ-पोस्टिंग के लिए कई विधायकों ने बकायदा सिफारिश की है. लेकिन सचिव के कारण विधायकों और यहां तक कि मंत्रियों की भी सिफारिश पर एक भी ट्रांसफर नहीं हो पाया. सरकार विधायकों को किस हद तक नाराज करेगी. मंत्री ने सीएम को सचिव के दूसरे कारनामों का भी पुलिंदा सौंपा. बताया कि विभाग में क्या खेल चल रहा है. सीएम उन कागजातों को देखकर संतुष्ट हुए कि सचिव कुछ ज्यादा की एक्टिव हो गये हैं.


अब भाग दौड़ करेंगे

राज्य सरकार ने आज 9 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर पोस्टिंग किया. इसमें राशन-पानी वाले सचिव महोदय नप गये हैं. सरकार ने उनके ज्यादा एक्टिव होने की बात को समझते हुए भाग-दौड़ वाले विभाग में भेज दिया है. ये ऐसा विभाग है जहां दूर-दूर तक राशन-पानी की कोई गुंजाइश नहीं है.