पटना/सीतामढ़ी : बिहार में मानव तस्करी से जुड़े मामले में मंगरू खलिफा को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। अपराध अनुसंधान विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) ने सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (SP) को FIR दर्ज कर  मामले में स्पीडी ट्रायल करवाने का निर्देश दिया है। मामला नेपाल से तस्करी कर लाई गई एक नाबालिग लड़की से जुड़ा है। इस प्रकरण में अब न्यायालय में कथित जाली दस्तावेज पेश किए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।


अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में सीतामढ़ी एसपी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पत्र की प्रतिलिपि तिरहुत क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, मुजफ्फरपुर को भी भेजी गई है। इस मामले में पुलिस को उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई करनी है।


पत्र के अनुसार, यह मामला सीतामढ़ी नगर थाना कांड संख्या 822/25 से संबंधित है। इसमें नेपाल से तस्करी कर लाई गई एक नाबालिग लड़की को मुक्त कराने का उल्लेख है। इस प्रकरण में मंगरू खलिफा के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी। अब इसी मामले में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।


आरोप है कि मंगरू खलिफा और उसकी पत्नी ने न्यायालय में जाली दस्तावेज पेश किए। पुलिस मुख्यालय ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच में यह पता लगाया जाना है कि अदालत में प्रस्तुत किए गए दस्तावेज असली हैं या उनमें किसी तरह की जालसाजी की गई है। मामले में अब सीतामढ़ी पुलिस की जांच अहम होगी। पुलिस को दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल करने के साथ यह भी पता लगाना होगा कि कथित जालसाजी में किन लोगों की भूमिका रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।


मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध से जुड़े इस मामले में दस्तावेजों की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि न्यायालय में पेश किए गए कागजात की प्रामाणिकता का सीधा संबंध मामले की कानूनी प्रक्रिया से है। पुलिस को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।अपर पुलिस महानिदेशक के स्तर से निर्देश जारी होने के बाद अब सीतामढ़ी पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। मामले में जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और कथित जाली दस्तावेजों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।