BIHAR NEWS : बिहार सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 को मंजूरी दे दी है। इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घर के खाली कमरों को पर्यटकों के ठहरने योग्य बनाकर होमस्टे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। सरकार इसके लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर महिलाओं और युवाओं को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रति कमरे मिलेगी सहायता राशि
योजना के तहत कोई भी पात्र व्यक्ति अपने घर में अधिकतम आठ कमरों तक का होमस्टे पंजीकृत करा सकता है। सरकार प्रत्येक कमरे के विकास और सुविधाओं के लिए 2.5 लाख रुपये तक की सहायता देगी। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग कमरे की मरम्मत, फर्नीचर, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटकों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को विकसित करने में किया जा सकेगा।
महिलाओं और युवाओं को अतिरिक्त लाभ
राज्य सरकार ने योजना में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और युवा उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी है। 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं, महिला आवेदकों और स्वयं सहायता समूहों को प्रति कमरे 25 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इस अतिरिक्त प्रोत्साहन के बाद कुल सहायता राशि 11 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
कौन लोग कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ वे लोग उठा सकते हैं जो नया होमस्टे शुरू करना चाहते हैं, पुराने मकान को पर्यटकों के लिए विकसित करना चाहते हैं या पहले से संचालित होमस्टे को बेहतर बनाना चाहते हैं। आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन से संबंधित दस्तावेज आवश्यक होंगे। आवेदन के दौरान सभी दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जाएगा। हालांकि, सरकारी कर्मचारी, संविदा कर्मी तथा केंद्र या राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक लोग बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे। आवेदन पत्र भरने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। विभाग द्वारा जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को स्वीकृति दी जाएगी।
तीन किस्तों में मिलेगी सहायता राशि
योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों को सहायता राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी। सरकार यह राशि तीन अलग-अलग किस्तों में जारी करेगी। प्रत्येक किस्त कार्य की प्रगति और निर्धारित मानकों के आधार पर जारी की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि होमस्टे का विकास तय मानकों के अनुसार हो और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
पांच साल तक संचालन करना होगा जरूरी
सरकार ने योजना में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। लाभार्थियों को कम से कम पांच वर्षों तक होमस्टे का संचालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित अवधि से पहले होमस्टे बंद कर देता है तो सरकार नियमों के अनुसार दी गई सहायता राशि वापस ले सकती है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह योजना ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ गांवों में आय और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।