Bihar News: बिहार अब हवाई कनेक्टिविटी के मामले में एक बड़ा बदलाव देखने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में दो अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी देकर विकास की दिशा में अहम कदम उठाया है। इन दोनों परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो चुका है और लक्ष्य तय किया गया है कि वर्ष 2030 तक इन्हें पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।


हवाई कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

अब तक बिहार के अधिकांश हिस्सों को हवाई यात्रा के लिए पटना पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन सोनपुर में नया एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति काफी हद तक बदल जाएगी। पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का बढ़ता दबाव कम होगा और लोगों को वैकल्पिक सुविधा मिलेगी।


वहीं अजगैबीनाथ धाम में एयरपोर्ट बनने से भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों को सीधी हवाई सेवा का लाभ मिलेगा। यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है, ऐसे में यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है।


करोड़ों की राशि से तेज होगा निर्माण कार्य

इन दोनों परियोजनाओं को गति देने के लिए बिहार नागरिक उड्डयन विभाग ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह फंड अलग-अलग चरणों में एजेंसियों को दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए।


इसके साथ ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी RITES Limited को सौंपी गई है, जिससे योजना को तकनीकी रूप से मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।


बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण

सोनपुर एयरपोर्ट के लिए करीब 4228 एकड़ जमीन और अजगैबीनाथ धाम के लिए 3000 एकड़ से अधिक भूमि की जरूरत तय की गई है। इसके लिए सरकार ने हजारों करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में स्वीकृत किए हैं।


सोनपुर क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के लिए लगभग 1300 करोड़ रुपये और भागलपुर क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जा चुकी है। इससे यह साफ है कि सरकार इस परियोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर है।


अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर

सोनपुर एयरपोर्ट का रनवे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो इसे देश के बड़े एयरपोर्ट्स की श्रेणी में ला सकता है। इस रनवे पर बड़े अंतरराष्ट्रीय विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। 

इसके अलावा, आधुनिक टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा।


पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बूस्ट

अजगैबीनाथ धाम एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। एयरपोर्ट बनने के बाद यहां पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही उद्योग और व्यापार के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों का रुझान बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


क्षेत्रीय संतुलन और समग्र विकास

इन दोनों एयरपोर्ट्स का निर्माण बिहार के अलग-अलग हिस्सों को संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा। जहां एक ओर सोनपुर उत्तर और मध्य बिहार को मजबूती देगा, वहीं अजगैबीनाथ धाम पूर्वी बिहार को नई पहचान दिलाएगा।


2030 तक बदलेगी बिहार की तस्वीर

अगर ये परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हो जाती हैं, तो बिहार न केवल देश के प्रमुख हवाई नेटवर्क से जुड़ जाएगा, बल्कि निवेश, पर्यटन और रोजगार के मामले में भी एक नई ऊंचाई हासिल कर सकता है।