Bihar News : बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्राम सभा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब हर महीने के अंतिम रविवार को राज्य की सभी पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गांवों में विकास योजनाओं की निगरानी बढ़ाना, लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और पंचायतों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।


इस विशेष ग्राम सभा में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे। सरकार चाहती है कि ग्रामीण इलाकों में चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता सीधे लोगों से लिया जाए और जरूरत के अनुसार समाधान किया जा सके।


मुख्यमंत्री और मंत्री पंचायतों में रहेंगे मौजूद

ग्राम सभा की इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर जिले के टेटियाबंबर प्रखंड की भूना पंचायत में शामिल होंगे। वहीं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अरवल जिले के करपी प्रखंड की बेलखारा पंचायत में होने वाली ग्राम सभा में भाग लेंगे।


इसके अलावा राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री और विभिन्न विभागों के सचिवों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों की किसी पंचायत में पहुंचकर बैठक में हिस्सा लें।


अधिकारियों को भी मिली जिम्मेदारी

सरकार ने जिलाधिकारियों समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी अलग-अलग पंचायतों में ग्राम सभा में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की मौजूदगी का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को समझना और विकास कार्यों की समीक्षा करना है।


ग्राम सभा के दौरान गांवों में चल रही योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लोगों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आने वाली परेशानियों पर भी चर्चा होगी।


विकास योजनाओं का होगा पूरा हिसाब

बैठक में पंचायतों को मिलने वाली राशि और उसके उपयोग का विवरण ग्रामीणों के सामने रखा जाएगा। इसमें 15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि, उसके खर्च और बची हुई राशि की जानकारी दी जाएगी।


इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, सड़क निर्माण, गली-नाली, सफाई व्यवस्था, सोलर लाइट और सामुदायिक भवन जैसी योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।


नए लाभार्थियों का होगा चयन

ग्राम सभा में सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लोगों का चयन भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं में नए लाभार्थियों के नाम तय किए जाएंगे।


इसके अलावा गांव में नई विकास योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से सुझाव लिए जाएंगे। सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण हटाने, सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने और गांव की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा होगी।


ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि नियमित ग्राम सभा से पंचायतों में जवाबदेही बढ़ेगी। ग्रामीणों को अपने क्षेत्र की योजनाओं और खर्च की जानकारी मिलेगी तथा वे विकास कार्यों में सीधे भाग ले सकेंगे।


इस बार ग्राम सभा को केवल औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे गांव के विकास की समीक्षा और भविष्य की योजनाएं तय करने के बड़े मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।


बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक प्रसारण भी किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से गांवों में प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा और विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।