Bihar News : बिहार में राज्य सरकार और राजभवन के बीच अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर नया मामला सामने आया है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले तथा नई पोस्टिंग को लेकर नाराजगी जताई है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश में साफ कहा गया है कि लोकभवन में तैनात किसी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर करने या किसी नए अधिकारी-कर्मचारी की पोस्टिंग से पहले राज्यपाल को इसकी जानकारी देना जरूरी होगा।
राज्यपाल सचिवालय के आदेश के मुताबिक, उसके संज्ञान में यह बात आई है कि लोकभवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे सरकारी विभागों में भेजा जा रहा है। वहीं, कुछ नए अधिकारियों और कर्मचारियों को लोकभवन में पदस्थ किया जा रहा है। राज्यपाल सचिवालय ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि ऐसे किसी भी आदेश को लागू करने से पहले संबंधित प्रस्ताव उचित माध्यम से राज्यपाल के संज्ञान में लाना अनिवार्य होगा।
किन अधिकारियों के तबादले पर आपत्ति, तस्वीर साफ नहीं
हालांकि राज्यपाल ने किन अधिकारियों या कर्मचारियों के ट्रांसफर अथवा पोस्टिंग को लेकर नाराजगी जताई है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पिछले कुछ महीनों में लोकभवन में कई अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला और पदस्थापन हुआ है। ऐसे में राज्यपाल की आपत्ति किस विशेष आदेश या मामले को लेकर है, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
हालिया आदेशों पर नजर डालें तो सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से लोकभवन में अधिकारियों की तैनाती और तबादले के कई आदेश जारी हुए हैं। 3 अगस्त को बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा के अधिकारी संजय सिंह को लोकभवन में तैनात करने का आदेश जारी किया गया था।
इससे पहले जुलाई में लोकभवन में तैनात प्रधान आप्त सचिव नीरू पाठक का तबादला किया गया था। 8 जुलाई को उन्हें लोकभवन से हटाकर मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय में आप्त सचिव बनाया गया। इसी दिन आशुलिपिक गोपाल कुमार को भी लोकभवन से हटाकर मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय में पदस्थ किया गया था।
जून में भी हुआ था अधिकारियों का फेरबदल
लोकभवन में अधिकारियों की तैनाती में बदलाव का सिलसिला जून में भी देखने को मिला था। 18 जून को आशुलिपिक सेवा के दो अधिकारियों अंजु कुमारी और सत्यप्रकाश कुमार को मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय से स्थानांतरित कर राज्यपाल सचिवालय में तैनात किया गया था।
इसके एक दिन पहले यानी 17 जून को राज्यपाल सचिवालय में अपर सचिव के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी नंदलाल आर्या का तबादला किया गया था। उन्हें बक्सर का बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया। वहीं, 1 जून को आईएएस अधिकारी संजय कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग से स्थानांतरित कर लोकभवन में अपर सचिव के रूप में तैनात किया गया था।
कई तबादले राज्यपाल की अनुमति से भी हुए
खास बात यह है कि सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचनाओं के अनुसार, इनमें से अधिकतर अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियां राज्यपाल की अनुमति से ही हुई थीं। इसलिए अभी यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि राज्यपाल की नाराजगी किन अधिकारियों या कर्मचारियों के ऐसे तबादलों से जुड़ी है, जिनकी जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई।
मार्च में बिहार के 43वें राज्यपाल बने थे हसनैन
सैयद अता हसनैन ने 14 मार्च 2026 को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। हसनैन भारतीय सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल हैं और करीब चार दशक तक सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे चुके हैं।
अब लोकभवन में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जारी राज्यपाल सचिवालय के आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में इस पर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार इस निर्देश पर क्या कदम उठाती है और लोकभवन में अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति एवं तबादले की प्रक्रिया में आगे क्या बदलाव होता है।