PATNA: अमेरिका-इरान के बीच छिड़ी जंग से दुनिया में उत्पन्न हुए संकट के बीच बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने पेट्रोलियम और ऊर्जा की खपत को लेकर बेहद सख्त निर्देश जारी कर दिये हैं. सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा पर रोक लगा दिया गया है. वहीं, सरकार के हर दफ्तर में एक नोडल ऑफिसर होगा, जो ये तय करेगा कि उस ऑफिस में बिजली की खपत कम हो. हर सरकारी दफ्तर में बिजली का बिल कम करना जरूरी कर दिया गया है.
मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये हैं और उनका सख्ती से इनका पालन करने का निर्देश दिया है. सरकार ने साफ किया है कि अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाकर राज्य के संसाधनों को बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है। इस पत्र में ऊर्जा बचत, ईंधन संरक्षण, विद्युत खपत कम करने और प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है.
सरकार के फरमान
सारी सरकारी बैठकें अब सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) से होंगी. राज्यस्तरीय और जिला स्तरीय सभी समीक्षात्मक और समन्वय बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी. सिर्फ विशेष परिस्थितियों में ही भौतिक (physical) बैठकें आयोजित की जा सकेंगी. सरकार ने कहा है कि इससे ईंधन, समय और संसाधनों की बचत होगी.
कार पूलिंग को प्रोत्साहन
मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी विभागों में कार पूलिंग व्यवस्था लागू करने के लिए तुरंत निर्देश जारी किए जाएं. जिलाधिकारी भी अपने स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करवाएंगे. इसका उद्देश्य सरकारी वाहनों के अनावश्यक उपयोग को कम करना और ईंधन की बचत करना है.
इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता
सरकारी स्तर पर नए वाहन खरीदते समय इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी. सरकारी कामों के लिए भाड़े पर वाहन लेते समय भी इलेक्ट्रिक वाहन को तरजीह दी जाएगी. यह कदम पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बिजली बचाने के लिए विशेष अभियान
राज्य सरकार ने अपने सभी विभागों को ऊर्जा संरक्षण अभियान चलाने के लिए दो प्रमुख निर्देश दिए हैं. हर सरकारी दफ्तर में अब एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति होगी. जो ये तय करेगा कि बिजली की खपत कम से कम हो. नोडल पदाधिकारियों की मासिक बैठक ऊर्जा विभाग के सचिव के स्तर पर हर महीने होगी. सरकारी दफ्तरों में अनावश्यक एसी, बल्ब और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बंद किया जाएगा. कार्यालय समय के बाद सभी विद्युत उपकरण अनिवार्य रूप से बंद करने होंगे. जल्द से जल्द सेंट्रल स्विचिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. सभी जिलाधिकारी अपने तथा अधीनस्थ सभी कार्यालयों में यह अभियान चलाएंगे.
सरकारी दफ्तरौं में सौर ऊर्जा संयंत्रों
सरकार ने कहा है कि सभी विभाग यह जांच करेंगे कि पहले से लगाए गए सौर ऊर्जा संयंत्र कार्यरत हैं या नहीं. सरकारी कार्यालयों, अतिथि गृहों और अन्य भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, उनका सही तरीके से रखरखाव करने को भी कहा गया है. सरकार ने कहा है कि जहां तक संभव हो, सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए.
विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध
मुख्य सचिव ने लिखा है कि सरकारी खर्च पर पदाधिकारियों की विदेश यात्रा पर अगले छह महीने के लिए प्रतिबंध रहेगा. केवल अत्यंत आवश्यक मामलों में ही विशेष अनुमति दी जाएगी.
ईंधन और बिजली खपत की निगरानी
सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके कार्यालय में ईंधन और बिजली की औसत खपत पिछले वर्ष की तुलना में कम हो. यानि हर हाल में ऑफिस में बिजली खपत को कम करना होगा. मुख्य सचिव ने उपरोक्त सभी उपायों का सख्ती से पालन कर खपत कम करने का लक्ष्य दिया है.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी अधिकारियों से इन निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की अपील की है. उन्होंने विश्वास जताया है कि इन कदमों से न केवल राज्य सरकार का व्यय कम होगा, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान मिलेगा. बिहार सरकार का यह पहल वर्तमान में संसाधनों के सीमित होने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सभी विभागों और जिला प्रशासन को इन दिशा-निर्देशों पर तुरंत अमल शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.